पीजीआई में एंबुलेंस रैकेट: 7 कर्मी गिरफ्तार
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पीजीआई में फर्जी एंबुलेंस रैकेट मामले में पीजीआई के सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन सिक्योरिटी गार्ड, तीन शव बांधने वाले और एक मोर्चरी में तैनात कर्मचारी है। ये लोग ट्रांसपोर्टरों को मृतकों की सूचना मुहैया करवाते थे।
बुधवार को सेक्टर 11 थाना पुलिस ने पीजीआई में दौड़ रही अवैध एंबुलेंसों के मामले में पीजीआई के सात कर्मचारियों को काबू किया। डीएसपी सेंट्रल सतीश कुमार ने बताया कि पकड़े गए खुड्डा लाहौरा निवासी विनोद कुमार (41), शशि (34), गुरकिरपाल (40) पीजीआई में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात थे। जबकि अश्विनी (38), तीरथपाल (34) और अश्विनी (26) शव बांधने का काम करते थे। इसके अलावा सातवां आरोपी विक्की (35) मोर्चरी में पिछले 16 साल से तैनात था। उन्होंने बताया कि इन सभी आरोपियों को वीरवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा।
सबका अलग अलग था कमीशन
पुलिस जांच में सामने आया है कि अवैध एंबुलेंस संचालक सूचना देने पर सिक्योरिटी गार्डों को एक रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से देते थे। इसी तरह शवों को बांधने वाले जब सूचना देते थे तो उनको 200 से 500 रुपये मिलते थे। जबकि मोर्चरी कर्मचारी विक्की को प्रत्येक शव की सूचना पर 500 रुपये कमीशन दी जाती थी।