पंजाब सरकार की तरफ से जरूरतमंद मरीजों को जल्द इलाज मुहैया कराने की मंशा से शुरू की गई 108 एंबुलेंस सेवा फोन करने के बावजूद मौके पर नहीं पहुंची। इस कारण हरगोबिंद नगर की रहने वाली गर्भवती महिला ने समय पर इलाज न मिलने के कारण सोमवार को दम तोड़ दिया। वहीं एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कॉल को फर्जी समझ लिया गया। इस कारण एंबुलेंस मरीज तक पहुंचने की बजाय आधे रास्ते से लौट गई।
हरगोविंद नगर निवासी संजय यादव ने बताया कि उसकी गर्भवती पत्नी अनीता की हालत अचानक गंभीर होने पर उसने 108 एंबुलेंस सेवा पर कई बार फोन किया। हर बार उन्हें 15 मिनट में पहुंचने के लिए कह दिया गया। काफी समय तक जब एंबुलेंस नहीं आई तो मोहल्ले की औरतों ने घर में ही उसकी पत्नी की डिलीवरी करा दी। उसकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया और सही इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ दिया। संजय यादव ने इस संबंध में थाना आठ में शिकायत दे दी है। अब पुलिस घटना की जांच में जुटी है।
दोबारा कॉल करने पर कोई जवाब नहीं मिला
108 एंबुलेंस सेवा जालंधर के इंचार्ज गुरअमन सिंह का कहना है कि जब उन्होंने फोन काल को वेरिफाई करने के लिए संबंधित फोन नंबर पर फोन किया, तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। फोन का जवाब न मिलने के कारण उन्होंने समझा कि कॉल फर्जी थी। यही वजह थी कि एंबुलेंस मरीज के पास पहुंचने के बजाय लौट गई।