अंबाला में पंचायती भूमि का मामला सुनवाई के लिए हाईकोर्ट पहुंचा तो सरकारी वकील ने बताया कि डीसी को आदेश की जानकारी दे दी गई थी लेकिन उनकी ओर से कोई रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की अवहेलना कर आदेश के बावजूद पंचायती भूमि से जुड़े मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल न करना अंबाला के डीसी को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने डीसी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए यह राशि उन्हें अपनी जेब से भरने का आदेश दिया है। इसके साथ ही स्टेटस रिपोर्ट के साथ अगली सुनवाई पर कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश दिया है।
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मंजीत सिंह व अन्य ने एडवोकेट फतेह सैनी के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि अंबाला की तलहेड़ी पंचायत में कुछ विवादित भूमि मौजूद है। इस भूमि को लेकर पंचायत अपना दावा कर रही है और इसे याचिकाकर्ताओं से खाली करवाने के लिए डीसी के समक्ष याचिका दाखिल की गई थी। यह याचिका 2007 से विचाराधीन है और डीसी ने यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
इस आदेश के बावजूद 2017 में पंचायत ने इस भूमि से मिट्टी का उठान आरंभ कर दिया था। इसी को याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर कहा था कि मामला 16 साल से डीसी के पास लंबित है और अभी तक इसका निपटारा नहीं किया गया है। ऐसे में हाईकोर्ट ने डीसी को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था।
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अब मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो सरकारी वकील ने बताया कि डीसी को आदेश की जानकारी दे दी गई थी लेकिन उनकी ओर से कोई रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है और यह राशि उन्हें अपनी जेब से चंडीगढ़ सेक्टर 26 के इंस्टीट्यूट ऑफ ब्लाइंड में जमा करवाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने उन्हें अगली सुनवाई पर खुद स्टेटस रिपोर्ट के साथ हाजिर रहने का आदेश दिया है।