कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर भारत और कनाडा के बीच तनाव चरम पर है। निज्जर की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या की थी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बिना सबूत आरोप भारत पर लगाया। इसके बाद एक भारतीय राजनयिक को देश से जाने को कहा। जवाब में भारत ने भी कनाडा के राजनयिक को निकाल दिया। वहीं भारत ने अब कनाडा के लिए वीजा भी निलंबित कर दिया है। कनाडा आतंकियों और गैंगस्टरों का सबसे सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। ये आतंकी वहां बैठकर भारत में आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। वहां की सरकार इस पर खामोश रहती है।
इसी साल 18 जून को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की गई थी। इससे पहले देश की गुप्तचर एजेंसी निज्जर पर कई खुलासे कर चुकी हैं। गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2014-15 में निज्जर पाकिस्तान गया था। पाकिस्तान में निज्जर ने कई आतंकियों से मुलाकात की थी। पाकिस्तान में उसकी मुलाकात खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के आंतकी जगतार सिंह तारा से हुई थी। जगतार सिंह तारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत की हत्या में वांछित था। इसके बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हरदीप को अपना एजेंट बनाया था।
1981 में इंडियन एयरलाइंस को हाईजैक करने वाले दल खालसा के आतंकी गजेंदर सिंह से भी निज्जर जुड़ा था। 2018 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची सौंपी थी। इसमें हरदीप सिंह निज्जर का नाम भी शामिल था।
पंजाब के जालंधर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम गांव भागसिंह पुरा में जांच करने पहुंची। यह आतंकी हरदीप सिंह निज्जर का गांव है।