दशहरे से पहले पूरे नवरात्र प्रभु राम की लीला का मंचन करने वाले कलाकार अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियां लेकर एक बार फिर दर्शकों के सामने हैं। इस बार सिर्फ दर्शक ही नहीं तीन ज्यूरी सदस्य भी उनकी प्रतिभा, मेहनत और लगन का सम्मान अपने आकलन से करेंगे।
प्रतियोगिता तीन दिन चलेगी। अंतिम दिन ज्यूरी अपना रिजल्ट सुनाएगी। उसी रात पुरस्कार बांटे जाएंगे। इससे पहले अमर उजाला की ओर से भी एक ज्यूरी रामलीलाओं में जाकर मौके पर आकलन कर चुकी है।
सेक्टर-20 में चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा की ओर से मंच सजाया गया है। रविवार को प्रतियोगिता के पहले दिन तीन टीमों ने प्रस्तुति दी। निर्णय निष्पक्ष हो इसलिए टीमों को नाम की जगह नंबर दिए गए हैं।
सभी टीमों को 20-20 मिनट का समय
टीम नंबर एक की ओर से दशरथ मरण की सशक्त प्रस्तुति के साथ ही जता दिया कि प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा रहेगा। रामलीला महासभा के प्रधान बीएस बिष्ट और महासचिव बीपी गौड़ ने बताया कि सभी टीमो को 20-20 मिनट का समय दिया गया है। रविवार को तीन टीमों ने अपनी प्रस्तुति दी।
चौथी टीम किसी वजह से हिस्सा नहीं ले सकी। पहली टीम ने कुछ नए प्रयोग भी किए। दशरथ विलाप के दौरान पर्दे पर लाइट और शेडो का सुंदर इस्तेमाल कर श्रवण कुमार वध के दृश्य बेकग्राउंड में चले। बेकग्राउंड म्यूजिक भी सम्मोहित करने वाला था।
इसने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। टीम दो ने केकई-मंथरा संवाद प्रस्तुत किया। इनके अभिनय और प्लेबेक सिंगिंग को खूब तालियां मिलीं। टीम तीन की ओर प्रस्तुत शबरी प्रेम के दृश्य ने भी दर्शकों को बांधे रखा।
प्रतियोगिता का उद्देश्य समर्पित कलाकारों का सम्मान
प्रतियोगिता की शुरुआत से पहले गणेश स्तुति हुई। इस अवसर पर कैट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित सेठ मुख्य अतिथि, केंद्रीय रामलीला महासभा के चेयरमैन भूपेंद्र शर्मा विशेष अतिथि रहे।
अमर उजाला के स्थानीय संपादक संजय अभिज्ञान ने इस अवसर पर बताया कि अमर उजाला रामलीला अवार्ड का उद्देश्य प्रभु लीला को समर्पित कलाकारों को सम्मानित करना है।
प्रतियोगिता के दौरान महासभा के पदाधिकारियों में सुरिंदर शर्मा पिंकी, रोहित शर्मा, बृज मोहन फोंदणी, धर्मपाल बंसल, नरेश धौलाखंडी, सतीश जोशी, रघुबीर सिंह खरोला, विजय गोयल सहित अन्य उपस्थित रहे।
ये हैं प्रतियोगिता के ज्यूरी मेंबर
चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा के प्रतियोगिता के लिए ये तीन सदस्यीय ज्यूरी है।
बलजीत सिंह जख्मी
बलजीत सिंह जख्मी वर्ष 1975 से थियेटर कर रहे हैं। ड्रामा और फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट भी लिखते हैं। कई फिल्मों और सीरियल में काम किया है।
जुल्फीकार खान
जुल्फीकार खान थियेटर एज के संस्थापक है। यह संस्था स्लम के बच्चों को नाटक सिखाने के साथ साथ पढ़ाई भी कराती है। यह संस्था 1992 से शुरू की है। इनके आठ बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जुल्फीकार चौथी बार महासभा की प्रतियोगिता के लिए जज कर रहे हैं।
पवन जसवाल
पवन जसवाल रामलीला से दस वर्षों से जुड़े हैं। नौ वर्ष तक राम का रोल किया। इससे पहले दो बार महासभा की प्रतियोगिता में जज कर चुके हैं। बिजली वितरक निगम हरियाणा में वरिष्ठ लेखा अधिकारी हैं।