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पंचकूला में 'अमर उजाला मेधावी सम्मान सामारोह', मेडल और प्रमाण पत्र से सम्मानित हुए विद्यार्थी

Sat, 26 Sep 2020 01:25 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
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सम्मानित मेधावी छात्र - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान में जिले के नौ होनहारों को उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में होनहार छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न, मेडल और अमर उजाला ईयर बुक दी गई। शनिवार को उपायुक्त कार्यालय में हरियाणा बोर्ड हाईस्कूल के तीन टॉपर, इंटरमीडिएट के छह टॉपर छात्र-छात्राओं को यह सम्मान मिला। इस मौके पर सामाजिक दूरी समेत कोविड-19 के सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया।

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उपायुक्त ने विद्यार्थियों को दी सलाह.. ईमानदारी के साथ मेहनत करते लक्ष्य पर करें फोकस 
उपायुक्त ने सभी छात्र-छात्राओं को पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत करने और लक्ष्य पर फोकस रखकर आगे बढ़ने सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता की ओर महज पहला कदम है, अभी मंजिल बहुत दूर है। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे, प्रतियोगिता भी बढ़ती जाएगी। इसलिए इस सफलता के बाद उस मानक को बनाए रखने के लिए दोगुनी मेहनत करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि जो बच्चे मेरिट लिस्ट में शामिल हैं, उन्होंने अपनी सफलता से माता-पिता का नाम गर्व से रोशन किया है। आने वाले समय में और मेहनत करें ताकि अपने और माता-पिता के सपनों को पूरा कर सकें।

'अरे वाह! आप अच्छे नंबर लाए'
आपके कितने नंबर आए थे.. जैसे ही डीसी साहब ने 12वीं के छात्र सुरेंद्र प्रजापति से यह पूछा तो जवाब आया 483....फिर क्या था...डीसी साहब बोले- अरे वाह सारे ही नंबर ले आए। जी हां, अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह के दौरान पंचकूला के मेधावी छात्रों के हौसले और लगन ने उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा का दिल जीत लिया। 
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मुकेश कुमार आहूजा ने न सिर्फ छात्रों का हौसला बढ़ाया बल्कि उनको आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से खुलकर बातचीत करते कहा कि माता-पिता और अध्यापकों का जीवन में अहम योगदान होता है। उन्होंने कहा कि छात्र, छात्राओं के टैलेंट को अमर उजाला ने पहचाना और उनको सम्मानित किया है। यह अनमोल कार्य है। 

जब कुछ स्टूडेंट्स से पूछा कि आप आगे क्या बनना चाहते हैं तो कुछ स्टूडेंट्स ने कहा कि वे आईएएस बनना चाहते हैं और ऐसे बच्चों की मदद करना चाहते हैं जो अभाव की वजह से पढ़ाई नहीं कर पाते तो डीसी साहब की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। 

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की तरफ से अग्रणीय रहने वाले विद्यार्थियों की कैरियर काउंसिलिंग का कार्य किया जाएगा ताकि उन्हें सही मार्गदर्शन मिल सके आरै वे अपने जीवन में आगे बढ़कर देश के होनहार नागरिक बन सकें।

क्या कहते हैं होनहार छात्र  

आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं 
आईएएस अधिकारी बनना चाहती हूं। आर्ट्स सेक्शन में पढ़ती हूं। 500 में से 483 अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। मैंने कभी ट्यूशन नहीं पढ़ा और सारी पढ़ाई खुद ही करती हूं। परीक्षा के दौरान करीब सात से आठ घंटे तक पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए गवर्नमेंट कॉलेज रायपुररानी में प्रवेश लिया है। मेरी शिक्षा में अभिभावकों का अहम योगदान है। - खुशबू, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल रायपुररानी 

चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना लक्ष्य 

कॉमर्स अच्छा लगता है। इसी वजह से शुरू से ही इस विषय को लेकर करिअर प्लान किया है। मैं चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती हूं। 12वीं की पढ़ाई के दौरान सुबह एक घंटे और शाम को दो घंटे पढ़ाई करती थीं। सुनील सर के साथ माता-पिता ने पढ़ाई में काफी सहयोग दिया। - दीपिका, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल नानकपुर

जज बनना ही मेरा उद्देश्य 
12वीं में 476 अंक हासिल किए। लक्ष्य हासिल करने के लिए दिन-रात पढ़ाई की। पिंजौर की रहने वाली हूं और वहीं से स्कूल आती-जाती थीं। मेरा लक्ष्य जज बनना है। इसी वजह से क्लैट (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) की परीक्षा दी है। इसके साथ ही पंजाब विश्वविद्यालय से भी फार्म भरा है। अर्थशास्त्र सबसे शानदार विषय लगता है।  - दुशाली गुप्ता, सार्थक स्कूल सेक्टर-12ए 

चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी कर रहीं हैं 

मेरा पसंदीदा विषय कॉमर्स है। चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती हूं। 12वीं में 483 अंक हासिल करना चुनौतीपूर्ण था। इसलिए रोजाना छह घंटे पढ़ाई की। स्कूल के अध्यापक मनोज सर ने काफी सहायता की। उनकी वजह से अकाउंट्स में मेरी पकड़ काफी मजबूत हो गई। माता-पिता के सहयोग की वजह से ही यह मुकाम हासिल किया। - कनिका अग्रवाल, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल रायपुररानी 

कॉमर्स मेरा प्रिय विषय, इसी में बनाऊंगी करिअर
12वीं की परीक्षा 476 अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। कॉमर्स मेरा प्रिय विषय है। चार से पांच घंटा रोजाना पढ़ाई करती थीं। एकाउंट्स और बिजनेस में दीपा मैडम ने काफी मदद की।  सरकारी स्कूलों को कम नहीं समझना चाहिए। छात्रों की समस्याओं का समाधान बेहतर ढंग से होता है। मेरा लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है। - रोशनी, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल संस्कृति, सेक्टर-20

सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुटे हैं सुरेंद्र 
12वीं में 483 अंक प्राप्त किए हैं। अब सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुटा हूं। अमर उजाला के सम्मान का आभारी हूं।  रोजाना एक घंटा न्यूज सुनता हूं। इसके अलावा अखबार पढ़ने के साथ-साथ करंट अफेयर की जानकारी रखता हूं। साथ ही क्विज प्रतियोगिता में भाग लेता हूं। 12वीं उत्तीर्ण करने के लिए  रोजाना चार घंटे पढ़ाई की। - सुरेंद्र प्रजापति, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल संस्कृति, सेक्टर-20 
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आर्किटेक्ट बनना है लक्ष्य 

शुभम ने बताया कि वे एक आर्किटेक्ट बनना चाहते हैं। उनका प्रिय विषय गणित है। उन्होंने बताया कि रोजाना करीब दो घंटे गणित का अभ्यास करते थे, उसी वजह से गणित में उनके 99 अंक आए। उन्होंने बताया कि साइंस में भी उन्होंने काफी मेहनत की थी। इसका नतीजा यह रहा कि उस विषय में भी उनको 99 अंक मिले। शुभम ने हाईस्कूल की परीक्षा 493 अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। जैनेंद्र सीनियर सेकेंडरी स्कूल पंचकूला के छात्र शुभम मौर्या 

आईएएस अधिकारी बनना ही मेरा लक्ष्य 

लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना है। खुद ही पढ़ाई की और स्कूल के अध्यापकों की मदद ली। मुझे गणित सबसे प्रिय विषय लगता है। गणित के पेपर के एक दिन पहले तबियत खराब हो गई थी। लग रहा था कि परीक्षा नहीं दे सकूंगी लेकिन परीक्षा दी और 486 अंकों के साथ उत्तीर्ण की। गणित में 97 अंक आए। इससे पता चला की लक्ष्य को पाने के लिए हौसला बेहद जरूरी है।  शुभा, हाईस्कूल की छात्रा, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बरवाला 

आईएएस बनकर देश सेवा करने का लक्ष्य 
हाईस्कूल की परीक्षा 488 अंकों के साथ उत्तीर्ण की। मेरी शिक्षा में माता-पिता का अहम योगदान है। दोनों के प्रयासों के माध्यम से ही यह मुकाम हासिल किया है। मैंने स्कालरशिप की परीक्षा भी दी है और उम्मीद है कि इस परीक्षा में पास हो जाऊंगी। मेरा लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना है।  मनीषा, हाईस्कूल की छात्रा, गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सार्थक 
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