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Chandigarh News: किराया जमा नहीं कर रहे स्मॉल फ्लैट के आवंटी, पहली बार 50 करोड़ तक पहुंचा बकाया

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चंडीगढ़। पुनर्वास योजना के तहत आवंटित किए स्मॉल फ्लैट्स के आवंटी किराया नहीं जमा कर रहे हैं। इस वजह से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) का बकाया पहली बार करीब 50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सीएचबी ने चेतावनी दे दी है कि जो भी आवंटी 31 मई से पहले पुराना किराया जमा नहीं कराएगा, उसके फ्लैट को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।शहर के अलग अलग हिस्सों में करीब 17 हजार फ्लैट लोगों को आवंटित किए गए हैं, जिनमें से कुछ किफायती किराया आवासीय योजना के तहत भी लोगों को 3000 रुपये मासिक किराए पर दिए गए हैं। सीएचबी के बार बार निर्देशों के बावजूद आवंटी नियमित रूप से किराया जमा नहीं करवा रहे हैं। यह बकाया राशि पहली बार 50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। बोर्ड ने सभी की सूची वेबसाइट पर डाल दी है और इन्हें 31 मई का समय दिया है। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि जिन आवंटियों को पहले शोकॉज नोटिस भेजे गए थे, उनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। जानकारी के अनुसार 15 हजार के करीब आवंटी हैं, जिनसे सीएचबी ने 50 करोड़ रुपये वसूलने हैं। सीएचबी के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने कई आवंटियों को पहले ही शोकॉज नोटिस भेजे हैं और कुछ केसों में आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जबकि अब नई सूची के अनुसार इन डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कम किराया होने के बावजूद नहीं करवा रहे जमा
पुनर्वास योजना के आवंटित किए गए फ्लैट्स का मासिक किराया 800 से 1000 हजार रुपये है, बावजूद इसके अधिकतम आवंटी किराया नहीं दे रहे हैं। किफायती किराया आवासीय योजना के तहत आवंटित किए गए फ्लैट्स का किराया 3000 रुपये है। सबसे ज्यादा बकाया राशि धनास में आवंटित किए गए फ्लैट्स पर है। इसके बाद सेक्टर-38 वेस्ट, 49, 56, मलोया (किफायती किराया आवासीय योजना), राम दरबार व अन्य इलाके के फ्लैट्स हैं।
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