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हजकां ने गिनाए भाजपा से रिश्ते तोड़ने के 3 कारण

Fri, 29 Aug 2014 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा जनहित कांग्रेस ने आखिरकार वीरवार को भाजपा से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया। लोकसभा चुनाव के बाद से इस गठबंधन को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
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हजकां ने गठबंधन तोड़ने के कई कारण बताते हुए भाजपा से अलग होने का निर्णय लिया है। इसी के साथ हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ने हरियाणा जनचेतना पार्टी के अध्यक्ष विनोद शर्मा से हाथ मिला लिया है।

कुलदीप बिश्नोई ने यहां पत्रकार वार्ता कर गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि 2011 में कांग्रेस और लोकदल को सत्ता से बाहर करने के लिए यह गठबंधन किया गया था।
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भाजपा का धोखा देने वाला इतिहास

कुलदीप ने कहा कि भाजपा का धोखा देने वाले इतिहास को देखते हुए हमने लिखित में गठबंधन किया था। यह पहला ऐसा लिखित गठबंधन था, जिसमें सभी फैसले पहले ही पूरे कर लिए गए थे।

गठबंधन की शर्तों में यह तय किया गया था कि पहले ढाई साल हजकां की ओर से कुलदीप मुख्यमंत्री बनेंगे और उप मुख्यमंत्री का नाम भाजपा घोषित करेगी। बाद के ढाई साल मुख्यमंत्री भाजपा का बनना तय हुआ था।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री हजकां का होता। हमने पवित्र आत्मा के साथ गठबंधन धर्म का पालन किया, लेकिन भाजपा ने हमें समय समय पर नीचा दिखाया। समय समय पर होने वाले हजकां के कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं को बुलाया, लेकिन भाजपा ने अपनी किसी रैली में मुझे नहीं बुलाया।
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विनोद शर्मा का मागदर्शन चाहिए

कुलदीप ने कहा कि लोकसभा में भाजपा अकेले चुनाव नहीं जीती है, हजकां के सहयोग से यह जीत हासिल हुई है, लेकिन भाजपा की मानसिकता है कि वे क्षेत्रीय दलों के नेताओं को अपने पैर जमाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। भाजपा की रैलियों में मेरा अपमान किया गया है।

कुलदीप ने कहा कि हरियाणा जनचेतना पार्टी के अध्यक्ष विनोद शर्मा से मेरी काफी पहले से बाचतीत चल रही है। उनके साथ में आने से हजकां को भी मागदर्शन मिलेगा।

इस दौरान विनोद शर्मा ने कहा कि कुलदीप ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। हरियाणा में कुलदीप से बेहतर सीएम हो ही नहीं सकता।
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