2015 में विदेशी महिला से रेप के आरोपी के खिलाफ चार्ज फ्रेम किए जा चुके हैं लेकिन पीड़िता के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। पीड़िता अमेरिका जा चुकी है। ऐसे में पीड़िता के बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कैसे दर्ज करवाए जाएं, इसके लिए प्रशासन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। अब हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांग लिया है।
प्रशासन ने हाईकोर्ट से पूछा है कि कैसे पीड़िता के बयान दर्ज करवाए जाएं और वीडियो कांफ्रेंसिंग में दूतावास को कैसे शामिल किया जाए। इस मामले में गिरफ्तार युवक के खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं। पुलिस ने आरोपी ऑटो चालक बलदेव कुमार को लुधियाना से गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ 17 सितंबर से आईपीसी की धारा 328, 342, 366, 376, 392 और 34 के तहत ट्रायल चलेगा।
अप्रैल 2015 में 24 वर्षीय अमेरिका निवासी पीड़िता ने ईमेल के जरिए आईजी को शिकायत भेजी थी। शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया लेकिन बयान और आरोपी की शिनाख्त परेड (टीआईपी) को लेकर पेच फंसा हुआ है। जिला अदालत से एडीजे कोर्ट पीड़िता के वीडियो कांफ्रेंसिंग के तहत बयान दर्ज कराने और शिनाख्त परेड की याचिका को मंजूर कर चुकी है लेकिन निचली अदालत ने दोनों प्रक्रियाएं दूतावास के जरिए कराने की मंजूरी दी थी।
अदालत के इस आदेश के खिलाफ यूटी पुलिस ने एडीजे कोर्ट में रिवीजन पीटिशन दायर कर सीधा वीसी के जरिए दोनों प्रक्रिया पूरी करने की मंजूरी मांगी थी। हालांकि हालांकि अभी इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को लेटर लिखकर इस संबंध में प्रक्रिया को लेकर आदेश मांगे हैं।