हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई और पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक के अलावा 26 पार्टी वर्करों के खिलाफ पुलिस की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा के तहत भी ट्रॉयल केस चलेगा। मामला 5 मार्च 2010 का है।
उक्त आरोपियों पर सेक्टर-25 में रैली के दौरान दंगा करने और पुलिस पार्टी पर हमला कर चोट पहुंचाने के तहत पहले ही ट्रायल चल रहा है। बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट सुखदा प्रीतम की कोर्ट ने यूटी पुलिस की मांग पर मामले में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा भी मंजूर कर ली।
पुलिस की दलील थी कि हजकां प्रधान कुलदीप बिश्नोई और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संबंधित घटना के दौरान पुलिस के बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाया। मामले की अगली सुनवाई 5 जून को होगी।
इससे पहले मामले में ऊपरी अदालत आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा हटा चुकी है। इसके बाद ही केस निचली अदालत में ट्रायल के लिए भेजा गया था। जहां दंगा करने, सरकारी कर्मियों को चोट पहुंचाने, ड्यूटी मे बाधा डालने तथा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत केस चल रहा है।
कुलदीप बिश्नोई, पूर्व सांसद धर्मपाल और उनकी पार्टी के 26 कार्यकर्ताओं के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने 5 मार्च 2010 में आपराधिक केस दर्ज किया था। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई थी। मामले में एक आरोपी बलकार सिंह को कोर्ट भगोड़ा घोषित कर चुका है।
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-25 रैली में राज्य सरकार के खिलाफ मांगें मनवाने के लिए जमा हुए बिश्नोई और अन्य ने पुलिस बैरिकेड्स पार करने का प्रयास किया था। पुलिस को बल प्रयोग के साथ आंसू गैस व वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा था। इस घटना में कई पुलिसकर्मी और कार्यकर्ता घायल हुए थे।