एचएसवीपी में 225 करोड़ का घोटाला, कई बिल्डर ईडी के रडार पर
खास लोगों के खातों में ट्रांसफर हुए 160 करोड़, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी, विधायक तक पहुंचता था पैसा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में चल रहा फर्जीवाड़े का खेल अब 225 करोड़ रुपये के एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में इस बड़े वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। इस मामले में पूर्व अधिकारी सुनील कुमार बंसल और पूर्व विधायक रामनिवास सूरजखेड़ा की गिरफ्तारी के बाद अब कई बिल्डर भी ईडी के रडार पर हैं, जिनकी जल्द गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सूत्रों ने बताया कि घोटालेबाजों के खास लोगों के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए थे। ईडी ने लगभग 10 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इन्हीं बयानों से 70 करोड़ से बढ़कर 225 करोड़ रुपये तक के इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इन 10 लोगों के खातों में लगभग 160 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए थे, और ये सभी लोग पूर्व विधायक के नजदीकी बताए जा रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि न तो इन लोगों की जमीन अधिगृहीत हुई थी और न ही इन्हें कोई और लाभ मिलना था, इसके बावजूद इनके खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। बताया जा रहा है कि यह रकम पूर्व विधायक तक पहुंचाई जाती थी। ईडी ने दो साल पहले हरियाणा पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी।
और भी अधिकारी जांच के दायरे में
इस मामले में एचएसवीपी के और भी अधिकारियों की मिलीभगत होने की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है। लंबे समय से एचएसवीपी में तैनात रहे अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ईडी ने लगभग 200 बैंक खातों की जांच की है। सूत्रों के अनुसार ईडी ने कई बिल्डरों को जांच में शामिल कर लिया है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों और बिल्डरों ने मिलकर फर्जी कंपनियों को यह राशि रिफंड की थी। सूत्रों ने बताया कि लोगों, फर्मों और कंपनियों ने 2015 से 2019 तक एचएसवीपी के बैंक खातों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी से सरकारी धन का लाभ उठाया। विभिन्न फर्जी कंस्ट्रक्शन कंपनियों को प्रॉपर्टी और अन्य खर्चों में निवेश किए गए।
बिल्डरों के खातों में हुई मोटी रकम ट्रांसफर
ईडी की ओर से बैंक खातों की जांच में यह भी पता चला है कि कुछ बिल्डरों के खातों में मोटी रकम ट्रांसफर हुई थी। पूर्व अधिकारी सुनील कुमार बंसल और पूर्व विधायक रामनिवास सूरजखेड़ा वर्तमान में पांच दिन के रिमांड पर हैं और ईडी उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में मिलीभगत करने वाले कुछ बिल्डरों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
प्लॉट घोटाले का भी हो सकता है पर्दाफाश
सूत्रों ने बताया कि वैट रिफंड घोटाले की जांच के अलावा, फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर में प्लॉट के घोटाले का भी पर्दाफाश हो सकता है। इसमें एचएसवीपी में मुख्य पदों पर काम कर चुके अधिकारियों की मिलीभगत सामने आ सकती है। सूत्रों ने बताया कि एचएसवीपी के अधिकारियों ने बिल्डरों की मिलीभगत से कई प्लॉट सस्ते दामों पर अपने जानकारों को दिलवा दिए थे, जिसके बाद उन्हें मोटी कीमत पर बाजार में बेच दिया गया था।