चंडीगढ़ प्रशासन ने भी पिछले महीने ट्राई सिटी में शनिवार, रविवार को लॉकडाउन का प्रस्ताव रखा था, जिसे हरियाणा व पंजाब सरकार ने ठुकरा दिया था। लेकिन, उसके बाद लगातार केस बढ़ने पर अब दोनों राज्यों को फैसला लेना पड़ा।
प्रदेश में कोरोना की वर्तमान स्थिति
66703 लोग वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। 9 लाख 26 हजार 568 कुल नमूने अभी तक लिए गए, इनमें से 8 लाख 68 हजार 16 निगेटिव मिले। कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या राज्य में 52129 से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें से एक्टिव 8131 से ऊपर हैं। 6423 नमूनों की जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार है। 43413 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
कोरोना से अभी तक राज्य में 585 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में संक्रमण की दर 5.67 प्रतिशत है। रिकवरी दर 83.28 प्रतिशत चल रहा है। संक्रमितों की मृत्यु दर 1.12 प्रतिशत है। प्रति दस लाख लोगों पर 36551 के कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं। 33 दिन में केस दोगुना हो रहे हैं। क्रिटिकल केस 203 हैं, जिनमें से 177 को ऑक्सीजन व 26 को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
हरियाणा परिवहन विभाग में 20 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आने के बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं। चंडीगढ़ स्थित परिवहन विभाग को सील कर दिया गया है। ये कार्यालय अब सोमवार को खुलेगा। 30 बेज बिल्डिंग के जिस दूसरे तल पर ये कार्यालय हैं, वहां मौजूद अन्य कार्यालय भी बंद करवाए गए हैं। परिवहन विभाग के तहत निदेशक राज्य परिवहन ब्रांच के पंद्रह और परिवहन ब्रांच के 5 कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं। इस विभाग में करीब दो सौ कर्मचारी काम करते हैं।
मरीजों की संख्या यहां सात से एकदम बीस पहुंचने के बाद अफसरों के हाथ-पांव फूल गए, जिसके बाद कार्यालय को ही सील करने का फैसला लेना पड़ा। इस 30 बेज भवन में तीन तलों पर हरियाणा सरकार के कई सरकारी कार्यालय मौजूद हैं। जिसके चलते यहां अन्य कार्यालयों में भी हड़कंप का माहौल है।
दरअसल, परिवहन विभाग में कोरोना के सात केस आने के बाद निदेशक ने सभी कर्मचारियों व अफसरों को आदेश दिए थे कि वे अपना-अपना कोरोना टेस्ट करवाएं। टेस्ट न करवाने वाले कर्मचारी व अफसरों का वेतन तक काटने के निर्देश दिए गए थे। खैर, स्टाफ ने जब अपने कोरोना टेस्ट करवाए तो रिपोर्ट आने के बाद कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या बीस पहुंच गई।