हरबंस कौर को जबसे ये खबर मिली, उसकी आंखों से खुशी के आंसू थम ही नहीं रहे
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पाकिस्तान में एक और 'सरबजीत' की कहानी सामने आई है। 45 साल पहले सेना ने जिस सैनिक को भारत-पाक जंग में शहीद करार दिया था, वे अब भी जिंदा हैं और पाक जेल में बंद हैं। 45 साल से विधवा की जिंदगी जी रहीं पंजाब के तरनतारन की हरबंस कौर को जबसे ये खबर मिली, उसकी आंखों से खुशी के आंसू थम ही नहीं रहे।
दिसंबर 1971 में हरबंस कौर को पति बलविंदर सिंह के भारत- पाक जंग में शहीद होने की खबर खुद सेना की ओर से तार के जरिए मिली थी। हैरानी की बात तो यह थी कि आज तक न तो सिख रेजिमेंट द्वारा बलविंदर सिंह का शव परिजनों को सौंपा गया, न ही अस्थियां।
इसके चलते उनके मन के किसी कोने में पति के लौटने की छोटी सी उम्मीद जिंदा थी। पति के जिंदा होने की खबर वहां की जेल से लौटे कुछ भारतीयों ने उन्हें यह खबर दी है। वे अब इकलौती बेटी बलजिंदर कौर के साथ मिलकर बलविंदर को वापस लाने की कोशिश में जुट गई हैं। उन्होंने इसके लिए फॉरेन मिनिस्ट्री से लेकर लोकल एडमिनिस्ट्रेशन को लेटर लिखा है।