ग्यासपुरा में क्षमता से छोटा सीवरेज सिस्टम
ग्यासपुरा इलाके में गैस रिसाव की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। यह एक बेहद ही घनी प्रवासी आबादी वाला क्षेत्र है लेकिन इस क्षेत्र की आबादी के मुकाबले सीवरेज सिस्टम बेहद छोटा है। 500 मीटर के दायरे में सीवरेज से उत्पन गैसों के वेंटिलेशन का भी उचित प्रबंध नहीं हैं। सिर्फ औद्योगिक इकाइयों को इसका दोष देना गलत है।
उद्योगपतियों के संगठन फीको के प्रधान गुरमीत सिंह कुलार, यूसीपीएमए के महासचिव मनजिंदर सिंह सचदेवा, ढंडारी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतनाम सिंह मक्कड़ और स्मॉल स्केल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन डाबा रोड के प्रधान अमरजीत सिंह चौहान ने कहा है अगर यह मान भी लिया जाए कि हाइड्रोक्लोरिक एसिड या सल्फ्यूरिक एसिड के रूप में कोई इस्तेमाल रसायन डिस्चार्ज हुआ है तो भी इतनी बड़ी मात्रा में कोई गैस उत्पन्न नहीं हो सकती है, क्योंकि अगर हाइड्रोक्लोरिक एसिड रिएक्शन करती तो उसे टॉयलेट क्लीनर में इस्तेमाल नहीं किया जाता। उद्योगपतियों का कहना है कि ऐसे में उचित मूल कारण का पता लगाए बिना केवल औद्योगिक इकाइयों पर दोषारोपण करना अनुचित है।