अधिकारियों की तीन टीमों ने शनिवार को एलांते माल सहित पचास के करीब कॉमर्शियल साइट्स के बिल्डिंग प्लान की गड़बड़ियों की जांच की।
अधिकारी मंजूर बिल्डिंग प्लान के नक्शे के साथ साइट्स पर पहुंचे और मिलान किया। सुबह से शुरू हुई यह जांच देर रात तक चलती रही। इससे चंडीगढ़ के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। इस जांच के बाद कई कॉमर्शियल साइट्स सील हो सकती हैं।
कर्मचारियों की मिलीभगत से खेल
अधिकारियों के अनुसार अधिकतर साइट्स में गड़बड़ियां मिली हैं। संपदा विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह गोलमाल हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था।
गड़बड़ी में शामिल बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और पूरे मामले की जांच के आदेश डीसी पहले ही दे चुके हैं।
जांच इस पर भी फोकस करने को कहा गया है कि इन बिल्डिंग मालिकों और प्लान अप्रूवल कमेटी (पीएसी) लोअर के बीच किस तरह की सांठ गांठ हुई। साथ ही उन्होंने वर्षों से जमे बिल्डिंग ब्रांच के कर्मचारियों को भी बदलने को कहा है।
ऐसे बनीं जांच टीमें
पांच कॉमर्शियल साइट्स में गड़बड़ी मिलने के बाद डीसी मोहम्मद शाईन ने इस सारे खेल की बड़े पैमान पर जांच का फैसला किया।
उन्होंने एसडीएम (साउथ) कशिश मित्तल, एसडीएम (ईस्ट) दानिश अशरफ और सहायक संपदा अधिकारी राहुल गुप्ता के नेतृत्व में टीमें गठित कर उन्हें शहर के अलग अलग हिस्सों में चेकिंग करने को कहा।
इस पर शनिवार सुबह से ही इन तीनों अधिकारियों के नेतृत्व में जांच अभियान शुरू कर दिया गया। एसडीएम (ईस्ट और सेंट्रल) दानिश अशरफ ने मनीमाजरा, आईटी पार्क, कि शनगढ़, सेक्टर-7, 8 और क्षेत्र के कई अन्य सेक्टरों में भी कॉमर्शियल साइट्स की चेकिंग की।
वहीं, एसडीएम साउथ ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और दो, एलांते मॉल, सेक्टर-21 सहित कई अन्य स्थानों पर चेकिंग की। सहायक संपदा अधिकारी राहुल गुप्ता ने सेक्टर-15, 17, 18 सहति कई और सेक्टरों में अभियान चलाया।
तीन अधिकारियों को वॉयलेशन की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कहां-कहां गड़बड़ी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-मोहम्मद शाईन, उपायुक्त और संपदा अधिकारी, चंडीगढ़
एफिडेविट के बाद भी नहीं खोलीं साइट्स
जो साइट्स पहले सील की गई थीं, संपदा विभाग ने उनके मालिकों द्वारा वायलेशन दूर करने का शपथपत्र देने के बाद भी उन्हें नहीं खोला।
शनिवार को दिनभर व्यापारी और व्यावसायी डीसी ऑफिस में डटे रहे मगर डीसी ने मिलने का वक्त नहीं दिया। हालांकि वीरवार को दो कामर्शियल साइट्स की सील उनके मालिकों से शपथपत्र लेने के बाद खोल दी गई थी।
इनमें सेक्टर-17 की बिल्डिंग का कुछ हिस्सा भी शामिल है। हालांकि इस इमारत में मौजूद होटल बज को नहीं खोला गया है।