नाटक वही है द लाइसेंस। सहादत हसन मंटो की कहानी। नायिका वही है जो तांगा चलाने का लाइसेंस लेना चाहती है। मगर प्रसिद्ध थिएटर आर्टिस्ट नीलम मान सिंह के निर्देशन में यह नायिका बदल गई है।
नीलम ने इसे ब्रेख्त की द जॉब की नायिका का जुझारूपन दिया। वह मंटो की नायिका की तरह तांगे का लाइसेंस मिलने पर यह नहीं कहती कि एक औरत को बस वेश्या बनने का ही लाइसेंस मिल सकता है।
नीलम मान सिंह की नायिका क्या कहती है, यह आप रॉक गार्डन में एक मई से पांच मई तक देख सकते हैं। नाटक द लाइसेंस का मंचन उक्त पांच दिन रॉक गार्डन के एम्फीथिएटर में होगा।
देशकाल
यह नाटक आजादी के समय की पृष्ठभूमि पर है। नीलम मान सिंह ने शनिवार को इस नाटक के बारे में बताया कि पीरियोडिक नाटक होने का अर्थ यह नहीं है कि कॉस्ट्यूम भी उसी जमाने का हो। एक्टर के कंर्फ्ट और किरदार के अनुसार कॉस्ट्यूम डिजाइन किया गया है।
खास आकर्षण
लाइट्स इफेक्ट्स इस नाटक का खास आकर्षण रहेंगे। मशहूर लाइट्समैन दौलत राम लाइट्स व्यवस्था कर रहे हैं। वह मंच पर लाइट्स को लेकर अपने नए प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं।
12 साल से छोटे बच्चे न आएं
यह नाटक रॉक गार्डन के एम्फीथिएटर में शाम 7.30 बजे से 1 मई से 5 मई तक मंचित होगा। नाटक में 12 वर्ष से कम आयु वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा।