हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष सेन के मर्डर केस में दोषी हरमेहताब सिंह ने अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 2017 में बीएमडब्ल्यू कार से कुचलकर अकांक्ष सेन की हत्या कर दी गई थी।
मामले में दोषी हरमेहताब सिंह रारेवाल उर्फ फरीद को दोषी करार देकर ट्रायल कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसे अब उसने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस जतिंदर चौहान और जस्टिस अर्चना पुरी की खंडपीठ ने हरमेहताब की अपील सुनवाई के लिए दाखिल कर ली है।
चंडीगढ़ की ट्रायल कोर्ट ने 18 नवंबर को अपना फैसला सुनाते हुए हरमेहताब को हत्या का दोषी करार देकर आजीवन कारावास और तीन लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अकांक्ष सेन हत्या मामले में पुलिस ने कुल 33 गवाह बनाए थे। इन 33 गवाहों में से तीन गवाह पूरी सुनवाई में अपने बयानों पर डटे रहे।
इसके अलावा गगनदीप शेरा और मामले की फोरेंसिक जांच करने वाले पीजीआई के फोरेंसिक विभाग के एडीशनल प्रोफेसर डॉक्टर एसपी मंडल की गवाही भी मुख्य रही। मामले में अदम्य राठौड़, कर्मयोग और राजन पपनेजा ने अभियोजन पक्ष की कहानी को सपोर्ट तो किया ही, इसके साथ ही अपनी गवाही भी दी थी।