अमृतसर के पास गांव चब्बा में आयोजित सरबत खालसा में पास किए गए सभी प्रस्तावों को अकाली दल ने रद्द कर दिया है। यह फैसला बुधवार को हुई पार्टी की कोर कमेटी की मीटिंग में लिया गया।
कोर कमेटी ने कहा कि ये प्रस्ताव सिख कौम और पंजाब को दोबारा खून-खराबे की ओर धकेल कर युवाओं के शोषण की साजिश का हिस्सा हैं। यह समागम पंथ की दुश्मन कांग्रेस की साजिश का नतीजा था।
समागम में कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी इसका सबूत है। कांग्रेसियों की शमूलियत यह साबित करती है कि सिख विरोधी एजेंडे की पूर्ति के लिए कांग्रेस सभी सीमाएं पार कर गई है। पार्टी ने कहा कि समागम में ननकाना साहिब व जैतों के मोर्चों, साकों में बेमिसाल कुर्बानियां देकर की गई प्राप्तियों को एक ही कार्रवाई से खत्म करने की कोशिश की गई।
अकाली दल ने कुछ लोगों द्वारा एसजीपीसी से जत्थेदारों की नियुक्तियों का हक छीनने की कोशिश को भी पूरी तरह रद्द कर दिया। साथ ही कहा कि समागम के दौरान पंजाब में विकास और उन्नति की लहर पर भी नकेल डालने की कोशिश की गई।