रविवार को संगरूर रोड पर गांव महिमदपुर की अनाज मंडी में भारी भीड़ जुटी। मंच पर पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल समेत पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, एसजीपीसी के पूर्व प्रधान प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर, बीबी जागीर कौर और अवतार सिंह मक्कड़ के अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह रणीके, परमिंदर सिंह ढींढसा, हीरा सिंह गाबड़िया, सिकंदर सिंह मलूका और बिक्रम सिंह मजीठिया मौजूद रहे।
सभी नेताओं ने एक मंच पर आकर लोगों को पार्टी के एकजुट होने का संदेश दिया। रैली के जरिये प्रकाश सिंह बादल ने पार्टी के उन पुराने टकसाली जत्थेदारों को खुश करने की भी कोशिश की जो पिछले समय से सुखबीर सिंह बादल के कारण पार्टी से नाराज चल रहे हैं। इन टकसाली नेताओं का आरोप है कि सुखबीर बादल की ओर से जूनियर नेताओं को ज्यादा इज्जत दी जा रही है, जबकि उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
बादल ने कहा कि पार्टी से जुड़े सभी पुराने टकसाली जत्थेदारों को सम्मानित किया जाएगा। एसजीपीसी के पूर्व प्रधान किरपाल सिंह बडूंगर से पूरे पंजाब के पुराने टकसाली जत्थेदारों की लिस्ट तैयार करने को कहा गया है, जिससे इस पर तुरंत काम शुरू हो सके। साथ ही बादल ने ऐलान किया कि कैप्टन सरकार के खिलाफ पटियाला की तरह दोआबा और माझा इलाकों में भी जबर विरोधी रैलियां की जाएंगी। उन्होंने इस संबंध में सुखबीर सिंह बादल को इन हलकों की लीडरशिप से बात करके रैली की तैयारियां शुरू करने को कहा।