शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की है। अमृतसर से ईमान सिंह मान, खडूर साहिब से हरपाल सिंह बलेर और फिरोजपुर से भूपिंदर सिंह भुल्लर को प्रत्याशी बनाया गया है। यह पहली बार होगा कि दल के अध्यक्ष और उनका बेटा लोकसभा चुनाव में उतरने जा रहा है।
पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए इससे पहले जो सूची जारी की थी, उसमें पार्टी प्रधान व सांसद सिमरनजीत मान संगरूर से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, पटियाला से प्रोफेसर महिंदरपाल सिंह, लुधियाना से अमृतपाल सिंह, फरीदकोट से बलदेव सिंह और श्री आनंदपुर साहिब से इंजीनियर कुशलपाल सिंह मान को उम्मीदवार बनाया है।
शिअद (अ) ने गैंगस्टर जयपाल के पिता भूपिंदर सिंह को फिरोजपुर लोकसभा हलके से दी टिकट
शिअद (अ) ने गैंगस्टर जयपाल भुल्लर के पिता भूपिंदर सिंह भुल्लर वासी इंडस्ट्रियल ऐरिया, फिरोजपुर शहर को टिकट देकर फिरोजपुर लोकसभा चुनाव मैदान में उतारा है। भूपिंदर पंजाब पुलिस के एएसआई पद से सेवानिवृत हुए हैं। अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाई है, लेकिन बेटा जयपाल कब गैंगस्टर बन गया इन्हें पता ही नहीं चला था, क्योंकि फिरोजपुर के इंडस्ट्रियल ऐरिया में जयपाल की पहचान एक साधारण व्यक्ति के तौर पर थी।
भूपिंदर सिंह भुल्लर पंजाब पुलिस में नौकरी कर चुके हैं और एएसआई पद से रिटार्ड हुए हैं। ये शिअद (अ) के सीनियर नेता भाई ध्यान सिंह मंड के पड़ोसी हैं। इसीलिए इन्हें शिअद (अ) ने टिकट देकर फिरोजपुर लोकसभा हलके से चुनाव मैदान में उतारा है।
कोलकता में एसटीएफ की ओर से जयपाल का इनकाउंटर किया गया था, तब भूपिंदर ने पुलिस पर सवाल खड़े किए थे। यही नहीं कई दिन तक जयपाल का शव घर पर पड़ा रहा जब तक उसका पीजीआई में पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
अदालत के हस्तक्षेप के बाद पीजीआई के डाक्टरों की एक टीम गठित की गई और वीडियोग्राफी के जरिए जयपाल के शव का पोस्टमार्टम किया गया। भूपिंदर बेटे की मौत का इंसाफ लेने के लिए काफी दिन तक मीडिया में छाया रहा। भूपिंदर का छोटा बेटा भी जेल में है।
जयपाल पर था दो एएसआई व गैंगस्टर रोकी की हत्या का आरोप
जयपाल पर जगरांव में पंजाब पुलिस के दो एएसआई की हत्या और फाजिल्का के गैंगस्टर जसविंदर सिंह रोकी की परवाणु में गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। पंजाब की एसटीएफ ने कोलकता में तलाश कर जयपाल भुल्लर और जसप्रीत जस्सी का इनकाउंटर किया था। जयपाल रोकी की हत्या करने के बाद सुरखियों में आया था। जयपाल पर अपहरण, हत्या व अन्य मामले दर्ज थे।