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‘दास्तान-ए-मीरी-पीरी’ की रिलीज पर अकाल तख्त ने लगाई रोक, जत्थेदार बोले- सिख सिद्धांतों के विरुद्ध

Sun, 02 Jun 2019 11:06 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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दास्तान-ए-मीरी-पीरी - फोटो : फाइल फोटो
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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने फिल्म‘दास्तान-ए-मीरी-पीरी’ की रिलीज पर रोक लगाने का फरमान सुना दिया है। जत्थेदार ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने फिल्म रिलीज की तो वह इसके लिए खुद जिम्मेदार होंगे।
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ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने फिल्म के निर्माताओं से कहा कि एसजीपीसी द्वारा गठित फिल्म समीक्षा कमेटी की रिपोर्ट अभी श्री अकाल तख्त साहिब नहीं पहुंची है। जब तक यह रिपोर्ट अकाल तख्त नहीं पहुंचती तब तक फिल्म को रिलीज करने पर रोक है।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि एसजीपीसी और अकाल तख्त साहिब द्वारा पारित प्रस्ताव में गुरु साहिबान का किसी विशेष व्यक्ति द्वारा किसी फिल्म या नाटक में भूमिका निभाना सिख सिद्धांतों के विरुद्ध बताया गया है। इसलिए गुरु साहिबान की भूमिका दिखाने वाली फिल्मों और गुरु साहिबान के एनिमेशन बनाने की आज्ञा किसी भी कीमत पर नहीं दी जा सकती।
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ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सिख इतिहास के योद्धाओं या बंदगी करने वालों की आत्माओं पर एनिमेशन बनाने या न बनाने के बारे में गुरु पंथ की संस्थाओं, संप्रदायों विशेष कर सिख बुद्धिजीवियों के साथ विचार-विमर्श करके उनकी रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब भेजी जाए। इसके बाद ही ऐसी फिल्म पर ठोस निर्णय लिया जा सकेगा।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि भविष्य में पंथक मुद्दों पर संवाद स्थापित करने की जरूरत है। इसके लिए सिख बुद्धिजीवी, यूनिवर्सिटी, कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आगे आने की जरूरत है, ताकि टकराव से बचा जा सके। इस समय गुरु पंथ नाजुक दौर से गुजर रहा है। सिख परंपराओं, मर्यादायों को सुरक्षित रखने के लिए पंथक संस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
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