जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गोहर-ए-मसकीन
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श्री अकाल तख्त श्री हरमंदिर पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गोहर-ए-मसकीन अपनी नियुक्ति के कुछ महीने बाद ही विवाद में आ गए हैं। जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह तख्त साहिब के प्रकाश अस्थान पर पायजामा पहनकर सेवा निभाने चले गए।
तख्त पटना साहिब की मर्यादा के अनुसार दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश अस्थान के स्थान पर कोई भी ग्रंथी सिंह या तख्त के जत्थेदार साहिबान पायजामा पहनकर नहीं जा सकते। मर्यादाओं के अनुसार इस अस्थान पर सेवा करने वाले जत्थेदार और ग्रंथी सिंह केवल लंबा चोला पहनकर ही सेवा निभा सकते हैं।
ऐसे में जब उपस्थित संगत ने देखा कि जत्थेदार पायजामा पहन कर सेवा निभाने आ गए हैं तो उन्होंने इसका विरोध किया। संगत के विरोध को देखते हुए ज्ञानी रंजीत सिंह पास ही स्थित एक कमरे में चले गए। वहां पायजामा उतारकर जत्थेदार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में बैठ गए। इस पूरे मामले का वीडियो भी वायरल हो गया है।
स्थानीय मर्यादाओं पर पहरा देना उनकी जिम्मेदारी
दमदमी टकसाल के प्रवक्ता प्रो. सरचांद सिंह ने बताया कि जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह ने तख्त साहिब की सेवा संभाली है। ऐसे में स्थानीय मर्यादाओं पर पहरा देना उनकी जिम्मेदारी है। जत्थेदार ने सदियों से स्थापित इस मर्यादा पर कोई भी ध्यान नहीं दिया। जत्थेदार द्वारा प्रकाश अस्थान के स्थान पर पायजामा पहन कर जाना और संगत की मौजूदगी में पायजामा उतारना भी ठीक नहीं है।
प्रो. सरचांद सिंह ने आरोप लगाया कि जत्थेदार ने पायजामा को छूने वाले हाथों को साफ किए बिना गुरु साहिब के पवित्र और प्राचीन शस्त्रों के दर्शन संगत को करवाए। रहिरास की अरदास के बाद आरती के दौरान घटी यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई और अब यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो चुका है।
तख्त साहिब की मर्यादा की हुई अवमानना पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह सहित सभी सिख संगठनों, दमदमी टकसाल और संत समाज को इस संदर्भ में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। याद रहे कि सिख धर्म के पांच तख्त साहिबान व सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की सेवा के दौरान अलग-अलग मर्यादाएं है। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में सेवा के दौरान सिंह साहिबान को पायजामा पहनना अनिवार्य है।
कुछ लोग जानबूझ कर मामले को दे रहे हैं तूल: जत्थेदार हित
पटना साहिब प्रबंधकीय बोर्ड के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह हित ने कहा कि जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह से अनजाने में भूल हो गई थी। उन्होंने पांच सिंह साहिब के आगे पेश होकर माफी मांग कर अरदास करवाई है। कुछ लोग जानबूझ कर इस मामले को तूल दे रहे हैं।
तख्त साहिब में मर्यादा को लेकर कहीं कोई भी विवाद नहीं है। प्रबंधक कमेटी के सभी 14 सदस्य एक साथ चल कर काम कर रहे हैं। तख्त पटना साहिब के प्रबंधों को लेकर जो शांति बनी हुई है उसमें कुछ तत्व खलल डालने की कोशिश कर रहे हैं।