अजय ने कहा है पार्टी किसी की बपौती नहीं है। ओमप्रकाश चौटाला की भी नहीं। ओपी चौटाला कहते थे कि हक मांगने से नहीं मिलता इसलिए अब हम अपना हक छीनकर लेंगे। असली इनेलो कौन है और किसकी की है। इसका फैसला 17 नवंबर को जींद में किया जाएगा। इससे पहले सभी जिलों में बैठक करके कार्यकर्ताओं की राय जानी जाएगी। इनेलो के कार्यकर्ता मेरे हीरे-जवाहरात हैं। हर जिले के कार्यकर्ता तय करेंगे की क्या रणनीति अपनानी है। कार्यकर्ता जैसा कहेंगे वैसा फैसला किया जाएगा। अजय ने कहा कि वह इनसो के संस्थापक हैं। उसे कोई भंग नहीं कर सकता।
बता दें कि अजय के बेटे हिसार से सांसद दुष्यंत और इनसो के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला को सात अक्तूबर की गोहाना रैली में अनुशासनहीनता करने का आरोप लगाकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दो नवंबर को निष्कासित कर दिया गया है।
पार्टी में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं : अभय
अभय चौटाला ने इनेलो-बसपा के संयुक्त तत्वाधान में जींद और हिसार में बैठक करके शक्ति प्रदर्शन किया है। अभय चौटाला ने दावा किया कि पार्टी के 15 विधायकों का समर्थन उनके साथ है। पार्टी में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। दुष्यंत और दिग्विजय ने ऐसा करके पार्टी के तय मानकों को तोड़ा है इसलिए उन पर हुई कार्रवाई जायज है। उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई टूट नहीं है। सभी पदाधिकारी मेरे साथ हैं। टूट की बात अफवाह है।
दिल्ली में अजय चौटाला के इस बयान पर कि अधिकार मांगने से नहीं, छीनने से मिलता है, अभय ने कहा कि यह बात सही है। अधिकार मांगने से नहीं, छीनने से ही मिलता है और हम अपना हक छीन लेंगे। दिग्विजय और दुष्यंत के निष्कासन पर कहा कि यह बात या तो ओमप्रकाश चौटाला से या इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा से पूछी जानी चाहिए। मैं तो केवल पार्टी का कार्यकर्ता हूं। संगठन से मेरा कोई मतलब नहीं है। पार्टी जहां उनकी ड्यूटी लगाती है, उसे पूरी निष्ठा से निभाते हैं।