आइसा ने हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव का हवाला देते हुए बताया कि इससे छात्रों के बीच भारी मानसिक तनाव, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल बना है। सीमावर्ती और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले कई छात्र चंडीगढ़ से अचानक लौटने को मजबूर हुए, जबकि कई अभी तक परिवहन सेवाओं के बाधित होने और मानसिक स्थिति सामान्य न होने के कारण वापस नहीं आ पाए हैं।
आइसा संयोजक शेष ने कहा कि 14 मई तक परीक्षाओं को स्थगित करना नाकाफी है। छात्रों को सामान्य स्थिति में लौटने और पढ़ाई की तैयारी के लिए कम से कम एक सप्ताह का और समय मिलना चाहिए। ऐसे असाधारण हालात में प्रशासन को संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण रवैया अपनाना चाहिए। आइसा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया कि वह अन्य संस्थानों और पंजाब सरकार की उस सलाह का पालन करे, जिसमें छात्रों को लचीला दृष्टिकोण अपनाने और सहूलियतें देने की बात कही गई है।