चंडीगढ़ से शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा की दूरी घटाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी चंडीगढ़ प्रशासन को एक किलोमीटर की जगह देने को तैयार हो गया है। इससे चंडीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नए वैकल्पिक रूट का रास्ता साफ हो गया है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो चंडीगढ़ से हवाई अड्डे की दूरी 11 किलोमीटर से घटकर मात्र 2.85 से 3.32 किलोमीटर रह जाएगी। इससे चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल समेत अन्य राज्यों से चंडीगढ़ एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राकेश आर सहाय ने बताया कि गुरुवार को चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की बैठक हुई, जिसमें सभी अधिकारी मौजूद थे। इसमें फैसला लिया गया कि चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर जो रोडमैप तैयार किया गया है, उसमें एयरपोर्ट की तकरीबन एक किलोमीटर जमीन आ रही है। बैठक में चर्चा के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने चंडीगढ़ प्रशासन को यह जमीन देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ से सीधा रास्ता होने से यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।
अभी 11 किलोमीटर है चंडीगढ़ से एयरपोर्ट की दूरी
वर्तमान में चंडीगढ़ से एयरपोर्ट की दूरी करीब 11 किलोमीटर है। यूटी प्रशासन द्वारा दो सर्वे करवाए गए हैं और इन सर्वे के आधार पर ही वैकल्पिक मार्ग को अंतिम रूप दिया जाएगा। सेक्टर-48 में जगतपुरा इलाके से शुरू होकर एयरपोर्ट की तरफ जाने के लिए यह वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया है। वैकल्पिक मार्ग तैयार होने से 11 किमी की दूरी महज 2.85 से 3.32 किलोमीटर रह जाएगी। ऐसे में शहर के लोगों के लिए एयरपोर्ट पहुंचने में कम समय लगेगा। इस योजना में रूट का कुछ हिस्सा पंजाब से होकर गुजरेगा। यूटी प्रशासन भी इसी रूट के पक्ष में है। अगर केंद्र सरकार से इसे मंजूरी नहीं मिलती है तो दूसरे विकल्प में हवाई पट्टी के बाहर से टनल के जरिए एयरपोर्ट तक रोड निकालने पर विचार किया जाएगा, जिसकी लिए भी केंद्र सरकार के अप्रूवल की जरूरत होगी।
मास्टर प्लान में सुझाए गए हैं तीन विकल्प
चंडीगढ़ मास्टर प्लान में भी तीन विकल्प सुझाए गए थे और विभिन्न बैठकों में इस पर चर्चा भी की गई। यूटी प्रशासन की तरफ से डीएमआरसी को कंसलटेंट भी नियुक्त किया गया था। इसके बाद भी कई विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया। सुझाव दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की चंडीगढ़ से पूर्व मार्ग सेक्टर-48 के पास से जगतपुरा एरिया के जरिए बेहतर कनेक्टिविटी की जा सकती है। एयरपोर्ट के लिए चंडीगढ़ से ये सबसे छोटा मार्ग होगा। इस पर फैसला हुआ था कि साइट पर फिजिबिलिटी के अलावा चीफ इंजीनियर यूटी पंजाब सरकार से समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई के लिए काम करेंगे। बता दें कि विकल्प के तहत एजेंसी को टोपोग्राफ्किल सर्वे करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा रास्ते में आने वाले ड्रेनेज लाइन को लेकर भी सर्वे करने के लिए भी बोला गया था।