पीजीआई चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विशेषज्ञ सैटेलाइट डाटा के जरिए पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रख रहे हैं। आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार पिछले दो हफ्ते से पराली जलाने की घटनाएं काफी ज्यादा थीं लेकिन शनिवार को इसमें करीब 40 प्रतिशत की कमी आई। पीजीआई के पर्यावरण विज्ञान विशेषज्ञ रविंद्र खैवाल ने बताया कि शनिवार को पंजाब-हरियाणा में करीब 2000 जगह पराली जलाने की घटनाएं हुईं। आने वाले दिनों में भी घटनाएं कम होंगी तो दिल्ली, पंजाब व हरियाणा के प्रदूषण में धीरे-धीरे कमी आएगी। एक हफ्ते बाद इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा।
- कब पंजाब-हरियाणा में कितनी जगह जलाई गई पराली
- 8 नवंबर 4685
- 9 नवंबर 5200
- 10 नवंबर 6800
- 11 नवंबर 5400
- 12 नवंबर 4300
- 13 नवंबर 2000