गाड़ियों की संख्या ज्यादा, चलने से उड़ने वाली धूल प्रदूषण का बड़ा कारण
शहर में वाहनों की संख्या काफी ज्यादा है। उनके चलने से जो धूल निकलती है, वो भी प्रदूषण करने में काफी बड़ी भूमिका निभाती है। अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए हॉर्टिकल्चर विभाग सड़क के किनारे ग्रीनरी कर रहा है। कई जगह पौधे लगा दिए गए हैं और कई जगह काम चल रहा है। इसके अलावा, डीजल की जो गाड़ियां चंडीगढ़ में आती हैं उन्हें लेकर भी विभाग ने चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस को लिखा है कि उनके पास पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जरूर होना चाहिए।
200 से ज्यादा एक्यूआई होने पर बढ़ जाती है चिंता
एक्यूआई को स्तर और रीडिंग के हिसाब से 6 श्रेणी में बांटा गया है। 0-50 के बीच एक्यूआई का मतलब वायु शुद्ध है। 51-100 के बीच मतलब वायु की शुद्धता संतोषजनक और 101-200 के बीच मध्यम है। 201-300 के बीच एक्यूआई खराब, 301-400 के बीच एक्यूआई बेहद खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई गंभीर श्रेणी में आता है। दूसरी ओर, आठ प्रदूषण कारकों के आधार पर तय होते हैं। ये पीएम 10, पीएम 2.5, एनओ 2, एसओ 2, सीओ 2, ओ 3, और एनएच 3 पीबी होते हैं। 24 घंटे में इन कारकों की मात्रा से ही हवा की गुणवत्ता तय होती है।
शहर में एक्यूआई की स्थिति
| समय |
सेक्टर-22 |
सेक्टर-25 |
सेक्टर-53 |
| सुबह 8 बजे |
176 |
154 |
181 |
| दोपहर 12 बजे |
184 |
155 |
184 |
| दो बजे |
235 |
156 |
185 |
| चार बजे |
222 |
156 |
188 |