जीरकपुर। पंजाब वन विभाग ने गंभीर रूप से बीमार 55 वर्षीय हथिनी लक्ष्मी को रेस्क्यू कर उपचार के लिए जीरकपुर के छतबीड़ चिड़ियाघर पहुंचाया है। हथिनी की एक आंख लगभग पूरी तरह खराब हो चुकी है। इसके अलावा वह निर्जलीकरण और कुपोषण से भी पीड़ित मिली है। विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज शुरू कर दिया गया है।
वन विभाग के अनुसार, 28 जुलाई को संगरूर के डीएफओ को सूचना मिली थी कि एक वृद्ध हथिनी को बरनाला में घुमाया जा रहा है और उसकी हालत बेहद खराब है। सूचना मिलने पर टीम ने हंडियाया चौक से हथिनी को अपने कब्जे में लेकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया। जांच में सामने आया कि मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की अनुमति के बिना हथिनी को लुधियाना से बरनाला लाया गया था जो वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 का उल्लंघन है।
विशेषज्ञों ने हथिनी को तत्काल उपचार और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत बताते हुए उसे छतबीड़ चिड़ियाघर भेजने की सिफारिश की। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के निर्देश पर उसे वहां स्थानांतरित कर दिया गया। मामले में पुलिस ने जय राम समेत चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। वन विभाग ने संबंधित स्वामित्व प्रमाणपत्र रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।