हरियाणा के सीएम ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर कई सौगातों का एलान किया। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में एम्स निर्माण का रास्ता साफ हो गया है और कई किसानों ने इसके लिए जमीन देने को सहमति दी है। सीएम मनोहर लाल बोले कि जल्द किसानों को मुआवजे का भुगतान भी कर दिया जाएगा।
हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए रेवाड़ी जिले के माजरा गांव में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल के साथ किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मनोहर लाल ने कहा कि परियोजना के निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। किसानों को जमीन का मुआवजा जल्द मिलेगा। मनोहर लाल ने परियोजना के लिए अलग से बजट स्वीकृत कर दिया है। उन्होंने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को किसानों की जमीन का भुगतान जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
किसानों की सहमति से शुरू करेंगे काम
सीएम ने कहा कि परियोजना से जुड़े अन्य कार्य किसानों के साथ सहमति से शुरू किए जाएंगे। नगर एवं ग्राम आयोजना, विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारी निर्धारित समय अवधि के दौरान सभी आवश्यक कार्य पूरा करने के अलावा किसानों से जुड़े विषय पर काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और परियोजना से जुड़े सभी पहलूओं पर सबकी राय जानी। प्रतिनिधिमंडल ने विस्तार से अपनी बात रखी और मुख्यमंत्री, राव इंद्रजीत, डॉ. बनवारी लाल का प्रमुख मांगें मानने पर आभार जताया।
कई किसानों ने एम्स के लिए जमीन देने को दी सहमति
अधिकतर किसानों ने क्षेत्र के विकास व प्रमुख मांगों को मंजूरी मिलने पर एम्स के लिए जमीन देने पर सहमति जता दी है। बैठक में रेवाड़ी के डीसी यशेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को आगामी प्रक्रिया के बारे में बताया कि किसानों की एक सहकारी समिति द माजरा कोऑपरेटिव मल्टीपर्पज सोसायटी का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। सरकार के निर्देशानुसार सहायक रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी के एक निरीक्षक की ड्यूटी गांव में लगा दी है। परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसान इस सोसायटी के सदस्य होंगे।