बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर इस समय पूरे पंजाब में माहौल गर्म है। इस कानून के विरोध में पंजाब की 31 किसान यूनियनें सड़कों पर उतर चुकी हैं। पंजाब के गांवों में इन कानूनों के खिलाफ भारी आक्रोश है। सभी राजनीतिक दलों की नजर अब किसानों के वोट बैंक पर है।
यही कारण है कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी इस कानून के विरोध में है। ऐसे में अकाली दल भी पीछे नहीं है। हरसिमरत कौर बादल भी मंत्री पद से इस्तीफा देकर कानून के विरोध में उतर चुकी हैं। यही नहीं अकाली दल ने तो भाजपा से नाता भी तोड़ लिया है। इस समय अकाली दल भी सड़कों पर उतर चुका है। आम आदमी पार्टी भी किसानों के पक्ष में है।