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कृषि कानून के विरोध में पंजाब में राहुल गांधी की विशाल ट्रैक्टर रैली आज, 10 हजार पुलिस जवान तैनात

Sun, 04 Oct 2020 01:37 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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कृषि कानून के विरोध में और किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज पंजाब में विशाल ट्रैक्टर रैली करने जा रहे हैं। इस रैली में हजारों की संख्या में किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। रैली में पांच हजार ट्रैक्टर शामिल होंगे। रैली में कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों और सभी दिग्गजों को मौजूद रहने को कहा गया है।
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मोगा से शुरू होने वाली यह रैली हरियाणा के रास्ते दिल्ली में जाकर समाप्त होगी। रैली को लेकर कांग्रेसी और पंजाब का पूरा प्रशासन मैदान में उतर चुका है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए पंजाब सरकार की ओर से प्रदेश भर में 10 हजार पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।

                                           
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डीजीपी दिनकर गुप्ता खुद ट्रैक्टर रैली का जायजा लेने मोगा के बधनीकलां पहुंचे। उनके साथ लगभग 15 जिलों के एसएसपी समेत सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे। सीएम के सलाहकार कैप्टन संदीप संधू समेत कई दिग्गज रैली की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे।

यह रहेगा रोड शो का मैप

4 अक्तूबर: मोगा के निहाल सिंह वाला के बदनी कलां में सुबह 11 बजे एक सार्वजनिक बैठक से रोड शो की शुरुआत होगी। इसके बाद लुधियाना के जगराओं, चकर, लक्खा और माणूके होते हुए रायकोट के जटपुरा में एक जनसभा के साथ ही संपन्न होगा।

5 अक्तूबर: रोड शो की शुरुआत बरनाला चौक, संगरूर में समारोह से होगी। यहां से राहुल जनसभा के लिए भवानीगढ़ तक कार से जाएंगे। फतेहगढ़ छाना और बाहमना में समारोह। पटियाला के समाना की अनाज मंडी में जनसभा में शिरकत करेंगे राहुल गांधी।

6 अक्तूबर : पटियाला के दूधन साधा में होने वाली जनसभा में राहुल गांधी किसानों को संबोधित करेंगे। फिर पिहोवा सीमा से होते हुए कांग्रेस का रोड शो हरियाणा में प्रवेश करेगा।
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कृषि कानूनों पर गर्म है पंजाब की सियासत

बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर इस समय पूरे पंजाब में माहौल गर्म है। इस कानून के विरोध में पंजाब की 31 किसान यूनियनें सड़कों पर उतर चुकी हैं। पंजाब के गांवों में इन कानूनों के खिलाफ भारी आक्रोश है। सभी राजनीतिक दलों की नजर अब किसानों के वोट बैंक पर है। 

यही कारण है कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी इस कानून के विरोध में है। ऐसे में अकाली दल भी पीछे नहीं है। हरसिमरत कौर बादल भी मंत्री पद से इस्तीफा देकर कानून के विरोध में उतर चुकी हैं। यही नहीं अकाली दल ने तो भाजपा से नाता भी तोड़ लिया है। इस समय अकाली दल भी सड़कों पर उतर चुका है।  आम आदमी पार्टी भी किसानों के पक्ष में है। 

 
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