चंडीगढ़। राजस्थान में हुई घटना के बाद सुरक्षा की मांग पर डॉक्टरों का रोष दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। रविवार को आईएमए की केंद्रीय शाखा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के पदाधिकारियों के साथ एक्शन कमेटी की बैठक की। इस दौरान घटना की निंदा करते हुए डॉक्टरों के लिए विशेष सुरक्षा कानून बनाने की मांग की। बैठक में इस मांग को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
आईएमए के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. आरएस बेदी ने बताया कि आईएमए ने सरकार से मांग की है कि अस्पतालों को सेफ जोन घोषित किया जाए क्योंकि मारपीट की घटना होने पर एक ओर जहां डॉक्टर की सुरक्षा खतरे में पड़ती है वहीं, उस दौरान अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों का भी नुकसान होता है। इससे बचाव के लिए केंद्रीय कानून बनाया जाना बेहद जरूरी है।
पीजीआई फैकेल्टी एसोसिएशन ने की दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग
दूसरी तरफ पीजीआई फैकेल्टी एसोसिएशन भी घटना को लेकर बेहद आक्रोश में है। एसोसिएशन ने एक ओर जहां राजस्थान में आत्महत्या करने वाली डॉ. अर्चना शर्मा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की कड़ी निंदा की है, वहीं आत्महत्या के लिए उकसाने वाले दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जेएस ठाकुर व सचिव डॉ. लक्ष्मी का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर रोक के लिए कड़े कानून की जरूरत है। हर बार ऐसी घटना होने पर कुछ दिनों तक दु:ख व्यक्त किया जाता है और फिर सभी उसे भूल जाते हैं। यह बेहद गंभीर स्थिति है। एक बेगुनाह ने अपनी सच्चाई साबित करने के लिए जान दी है। यह आगे नहीं होना चाहिए इसलिए कानून बनना बेहद जरूरी हो गया है। इस मांग को देश के कोने-कोने से बेहद मजबूती से उठाया जाना चाहिए, तभी सफलता मिलेगी।