जब कंपनियों से जुड़े सवाल पूछे तो फिर रिश्वत आ गई याद
विजिलेंस की टीम दो बार पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को पूछताछ के लिए बुला चुकी है। 12 तारीख को जब मंत्री से पूछताछ हुई तो विजिलेंस अधिकारी उनसे जब जेसीटी और मोहाली में बिकी एक अन्य कंपनी के बारे में सवाल पूछना शुरू किया तो वह डर गए थे। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस उनसे रिकॉर्ड के बारे में सवाल कर रही थी। मंत्री को लगा कि वह केस में फंसते जा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने खुद को बचाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत देने का विकल्प चुना। हालांकि वह इस चीज में कामयाब नहीं हो पाए।
स्टेट व जालंधर ब्यूरो की टीमें कर रही जांच
पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के मामले की जांच विजिलेंस स्टेट ब्यूरो के अलावा जालंधर विजिलेंस की टीम भी कर रही है। जालंधर विजिलेंस की टीम उनके उस इलाके से जुडे़ तथ्यों की जांच करेगी। जबकि स्टेट ब्यूरो की टीम उद्योग मंत्री रहते उन पर लगे आरोपों की जांच कर रही है। दोनों टीमें शाम को अपना सारा रिकॉर्ड विजिलेंस के उच्च अधिकारियों को बताती हैं। साथ ही केस से जुड़ा हर अपडेट मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजा जाता है।