नगर निगम सदन में बतौर सांसद किरण खेर की पहली एंट्री बेहद हंगामेदार रही। बैठक में किरण खेर ने ज्यों ही लिखित भाषण पढ़ना शुरू किया। कांग्रेसी पार्षदों ने तना कसा कि सांसद को शहर के मुद्दों की जानकारी नहीं है।
पूर्व मेयर सुभाष चावला ने चुटकी ली कि किरण खेर को उनकी जानकारी से ज्यादा कागज थमा दिए गए हैं। चावला के यह कहते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। भाजपा पार्षदों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया।
चावला की इस टिप्पणी पर भाजपा-अकाली पार्षद दल के नेता अरुण सूद ने कहा कि उनके ये संस्कार हैं किसी का स्वागत करने के। इस हंगामे के कुछ देर बाद ही मेयर ने ब्रेक के लिए कह दिया। किरण खेर ब्रेक के बाद बैठक में वापस ही नहीं आईं।