रोजगार सृजन में चंडीगढ़ लक्षद्वीप के बाद देशभर में सबसे निचले पायदान पर है। आंकड़ों के मुताबिक, चंडीगढ़ में बीते तीन साल में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) का लाभ सिर्फ 52 लोगों को ही मिला है। वहीं, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर भी चंडीगढ़ में करोड़ों रुपये खर्च हजारों युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन रोजगार बहुत कम युवाओं को मिला। ज्यादातर युवा प्रशिक्षण के बाद बेरोजगार घूम रहे हैं।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत चंडीगढ़ में पिछले छह साल में करोड़ों रुपये खर्चे गए, लेकिन नौकरी पाने वालों की संख्या काफी कम है। आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में पीएमकेवीवाई के तहत अब तक 18730 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनमें करीब 15 हजार युवाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए जबकि नौकरी 6219 युवाओं को ही मिली। बाकी बेरोजगार घूम रहे हैं।
2018-19 पुरुष - 15 महिला - 13
प्रशिक्षित 18730
प्रमाणित 14,925
प्लेसमेंट 6219
(2015 से 31-12-2021 तक)
आवंटित धनराशि 13 करोड़ 87 लाख
कुल फंड मिला 8 करोड़ 12 लाख 76 हजार
कुल फंड का उपयोग 5 करोड़ 95 लाख 45 हजार
(सैद्धांतिक रूप में स्वीकृत)