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Chandigarh: पीजीआई ने मरीजों को दिया बड़ा झटका, रूम किराया बढ़ाने के बाद अब जांच शुल्क में 15 गुना बढ़ोतरी

Sat, 08 Oct 2022 02:12 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एक तरफ जरूरतमंद को रियायत के नाम पर पीजीआई प्रशासन अमीरों से वसूली पर उतर आया है, वहीं दूसरी तरफ सामान्य जांच शुल्क की दरों में कई गुना इजाफा कर दिया है। इसके लिए पीजीआई में इलाज करवाने आ रहे अमीर और गरीब दोनों ही वर्ग के मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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पीजीआई
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विस्तार
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चंडीगढ़ पीजीआई ने प्राइवेट व वीआईपी रूम का किराया बढ़ाने के बाद अब जांच शुल्क 10 से 15 गुना बढ़ाकर मरीजों पर भारी बोझ डाल दिया है। पीजीआई प्रशासन प्राइवेट व वीआईपी रूम का किराया बढ़ाने की वजह जरूरतमंद मरीजों को रियायत देना बता रहा है जबकि स्थिति पहले से ज्यादा बदतर हो गई है।

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एक तरफ जरूरतमंद को रियायत के नाम पर पीजीआई प्रशासन अमीरों से वसूली पर उतर आया है, वहीं दूसरी तरफ सामान्य जांच शुल्क की दरों में कई गुना इजाफा कर दिया है। इसके लिए पीजीआई में इलाज करवाने आ रहे अमीर और गरीब दोनों ही वर्ग के मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। उधर, जनता इससे बेखबर है। उसे लग रहा है कि देश के सर्वश्रेष्ठ अस्पताल में सरकारी दर पर इलाज मिल रहा है। स्थिति तब समझ से परे दिख रही है जब सरकारी अस्पताल में निजी अस्पताल से ज्यादा शुल्क लिया जा रहा है।

प्राइवेट रूम की 25 और वीआईपी रूम की सिक्योरिटी 50 हजार

पीजीआई में साल 2013 से पहले प्राइवेट रूम 950 और वीआईपी रूम का किराया 1500 रुपये था। 2013 में इसे बढ़ाकर प्राइवेट रूम 1900 और वीआईपी रूम का किराया 3000 रुपये कर दिया गया था। वहीं अब नौ साल बाद 2022 में अचानक 80 प्रतिशत से ज्यादा इजाफा कर प्राइवेट रूम 3500 और वीआईपी रूम का किराया 6500 रुपये कर दिया गया। पहले प्राइवेट रूम के लिए 8000 रुपये सिक्योरिटी अमाउंट जमा करना पड़ता था, जो अब 25 हजार रुपये कर दिया गया है जबकि वीआईपी रूम की सिक्योरिटी अमाउंट 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है।

जनता बोली-ये तो हद ही हो गई

अनजान जनता को तो पता भी नहीं चलने दिया जा रहा और उनकी जेब ढीली कर दी जा रही है। सरकारी अस्पताल तो निजी अस्पताल से भी महंगा हो गया अब। -विनोद शर्मा, मलोया


इससे अच्छा है कि मरीज ओपीडी या इमरजेंसी में दिखाकर शहर के किसी महंगे होटल में रूम बुक करवा लें। क्योंकि होटल और पीजीआई के रूम रेंट में कोई अंतर नहीं है। -दीप्ति सिंह, सेक्टर-15

जरूरतमंद मरीजों को अब भी रियायत नहीं

जांच                                          शुल्क पहले                       शुल्क अब
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इम्युनोग्लोबिन प्रोफाइल           100 से 300 रुपये               300 से 600 रुपये
फॉर्मोकोलॉजी                          100 से 150 रुपये               250 से 500 रुपये
बायोप्सी                                100 से 200 रुपये            एक हजार से दो हजार रुपये
ओटी स्पेसीमेन्स                      100 से 200 रुपये           एक हजार से दो हजार रुपये
ब्लॉक रिव्यू                           500 से एक हजार रुपये      एक हजार से ढ़ाई हजार रुपये
इश्यू ऑफ पैराफिन ब्लॉक                 निशुल्क                         एक हजार रुपये
इश्यू ऑफ डुप्लीकेट अन्स्टैंड स्लाइड   निशुल्क                    500 से एक हजार रुपये
इम्युनोफ्लोरेसेंस                     एक हजार से 1500 रुपये      15 सौ से 2500 रुपये
फ्लोरेसेंस इन सिटू हाइब्रिडिजेशन    6 हजार रुपये                10 से 15 हजार रुपये
क्रायोस्टेट सेक्शन                          निशुल्क                          500 रुपये
 
पीजीआई ने लगभग नौ साल के बाद निजी और वीआईपी कमरों के लिए शुल्क दरों में 43 प्रतिशत की वृद्धि की है। प्राइवेट रूम का किराया अभी 3500 रुपये है, जो 2013 में 1900 रुपये था। इनमें आहार और नियमित प्रयोगशाला का शुल्क भी शामिल है। ये बदलाव फरवरी में अस्पताल चार्ज कमेटी की बैठक में तय किए गए थे। -कुमार गौरव, डीडीए व पीजीआई प्रवक्ता
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