मनाना निवासी किसान गजेंद्र सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में कार्रवाई न होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने पानीपत रेलवे स्टेशन स्टेशन के डाउन ट्रैक पर सवा घंटे तक जाम लगा जमकर हंगामा किया।
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ग्रामीणों का आरोप है कि जीआरपी प्रभारी दूसरे पक्ष पर कार्रवाई नहीं करना चाहता। उसकी ओर से पीड़ित परिवार को ही धमकी दी जा रही है। ग्रामीणों ने 16 जुलाई तक कार्रवाई न होने पर 17 जुलाई को मतलौडा में मुख्यमंत्री का घेराव करने की चेतावनी दी है। मनाना गांव के ग्रामीण किसान गजेंद्र सिंह की आत्महत्या के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार सुबह जीआरपी थाने में पहुंचे।
आरोप है कि जीआरपी प्रभारी रणधीर सिंह ने ग्रामीणों की एक नहीं सुनी। इससे गुस्साए ग्रामीण रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंच गए और ट्रैक रोक दिया। कुछ देर बाद दिल्ली जा रही बठिंडा एक्सप्रेस के स्टेशन पर पहुंचने के बाद ग्रामीण इंजन पर चढ़ जीआरपी प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी और उन्हें सस्पेंड कर गजेंद्र सिंह के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। महिला व पुरुषों के विरोध के चलते रेलवे का कोई भी अधिकारी बीच में आने का साहस नहीं जुटा सका।
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थानेदार को जमकर पीटा, ट्रैक पर ले कूदी महिला
आक्रोशित ग्रामीणों ने जीआरपी के एएसआई जियालाल के साथ जमकर मारपीट की और एक महिला जियालाल को लेकर ट्रैक पर कूद गई। एएसआई जियालाल अंदरूनी चोट लगने से अचेत हो गए।
जियालालको सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। मामला यूं बना कि एएसआई जियालाल थाने के रीडर हैं और वह एसएचओ के साथ हर मामले में मौजूद थे। जियालाल रविवार को बठिंडा एक्सप्रेस के इंजन पर चढ़कर प्रदर्शनकारियों की फिल्म बना रहे थे। इसी बीच ग्रामीणों की उन पर नजर पड़ गई और वे उन पर झपट पड़े।
ग्रामीणों ने उनके साथ प्लेटफार्म नंबर एक पर पहले जमकर मारपीट की और फिर एक महिला जियालाल को लेकर ट्रैक पर कूद गई। एएसआई के बेसुध होने पर लोगों ने मृत समझ लिया, लेकिन महिलाएं घबराने की बजाय वहीं पर डटी रहीं। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते रेलवे अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और सिविल पुलिस को सूचित किया।
सख्त कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच का भरोसा
मौके पर पहुंचे सीआईए वन, थाना शहर, मॉडल टाउन, चांदनी बाग और बाबरपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारियों और तहसीलदार पानीपत संजीव सिंगला से मानने और हालात बिगड़ने पर डीएसपी मुख्यालय राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर उचित कार्रवाई का भरोसा देने के बाद ग्रामीण ट्रैक से हट गए।
इसके बाद बठिंडा एक्सप्रेस को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। डीएसपी मुख्यालय राजेंद्र सिंह और समालखा डीएसपी सुलतान सिंह की मध्यस्थता में एसएचओ जीआरपी रणधीर सिंह व ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हुई। ग्रामीणों ने डीएसपी के सामने एसएचओ पर भ्रष्टाचार और पीड़ित परिवार पर ही दबाव डालने के आरोप लगाए।
मामले को भड़कते देख डीएसपी मुख्यालय राजेंद्र सिंह ने रेलवे आईजी परमजीत सिंह अहलावत से बात की और पूरे मामले को उनके सामने रखा। आईजी परमजीत सिंह अहलावत ने ग्रामीणों की शिकायत लेकर मामले में एसएचओ समेत अन्य कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने और इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों का है यह आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि मनाना निवासी मास्टर नरेश गजेंद्र सिंह की जमीन को जबरदस्ती हथियाना चाहता है। इसमें अनिल निवासी बलाना, गांव का ही नवीन उर्फ मीनू, बिंझौल निवासी मनोज और समालखा थाने में तैनात मास्टर नरेश का साला बिजेंद्र शामिल हैं।
उन्होंने थाने में बुलाकर गजेंद्र सिंह को साइन न करने पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी थी। ग्रामीणों ने कहा कि जीआरपी गजेंद्र सिंह की मौत के जिम्मेदार आरोपियों को बचाना चाहती है ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी व एसएचओ को सस्पेंड करने के लिए 16 जुलाई तक का समय दिया है। इस समय तक कोई कार्रवाई न होने पर 17 जुलाई को मतलौडा में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का घेराव करने की चेतावनी दी है।
समालखा थाने के अंतर्गत मनाना गांव निवासी गजेद्र सिंह का शव 28 जून को मनाना और खलीला के बीच मुख्य रेलवे ट्रैक मिला था। उसकी जेब में एक सुसाइड नोट मिला था। इसमें गांव के मास्टर नरेश व उसके साथियों पर तंग करने का आरोप लगाया था। जीआरपी ने इस मामले की जांच शुरू कर दी थी।
परिजन 16 दिनों से जीआरपी प्रभारी रणधीर सिंह से आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे, लेकिन जीआरपी ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों के प्रदर्शन से बठिंडा एक्सप्रेस के यात्रियों को तेज गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा अमृतसर से नांदेड़ जाने वाली सचखंड एक्सप्रेस और चंडीगढ़-कोच्चि एक्सप्रेस को चार नंबर प्लेटफार्म से रवाना किया गया। इन दोनों ट्रेनों का एक नंबर प्लेटफार्म पर इंतजार कर रहे यात्रियों को घोषणा के बाद चार नंबर प्लेटफार्म पर पहुंचना पड़ा।