आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि स्वराज के उद्देश्य से बनी पार्टी अरविंद केजरीवाल की निजी पार्टी बनकर रह गई है।
आए दिन केजरीवाल अपने निर्णय थोप रहे हैं। राष्ट्रीय परिषद या फिर राज्य कार्यकारिणी बैठकों में कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब शराब माफिया से जुड़े दिल्ली के विधायक नरेश बाल्याण को हरियाणा का प्रभार दिया गया है, जो पार्टी सिद्धांतों के खिलाफ है।
यह लगाया आरोप
ई-मेल के जरिए भेजे अपने इस्तीफे में प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा है कि मुझे महसूस हो रहा है कि जिन उद्देश्यों और मुद्दों को लेकर अन्ना आन्दोलन हुआ और आम आदमी पार्टी बनी उन्हीं को देखते हुए पार्टी में शामिल हुए थे। उन सब सपनों व मुद्दों से पार्टी और हमारे साथी भटक चुके हैं और वो भी दृसरे पार्टियों जैसे हो गए है, इसलिए अब मेरा पार्टी में विश्वास नहीं रह गया है।
दूध का जला, छाछ को फूंक मार-मार पीता है
प्रहलाद सिंह भारुखेड़ा ने कहा कि वे हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष हैं। पार्टी से अलग हुए योगेंद्र यादव ने कई बार उसे आमंत्रित किया है, लेकिन वे नहीं गए। चूंकि दूध का जला, छाछ को भी फूंक मार-मार पीता है। मैंने हमेशा किसानों के लिए काम किया है, आगे भी करता रहूंगा।