तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के महासचिव मोहिंदर पल सिंह ढिल्लों ने अदालत में एक हलफनामा देकर कहा है कि तख्त पटना साहिब सर्वोच्च तख्त है। इस तख्त साहिब में श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश लागू नहीं होते। तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह द्वारा अपनी बहाली के लिए पटना की अदालत में एक याचिका दायर की हुई है।
इस याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रबंधक कमेटी के महासचिव से ज्ञानी इकबाल सिंह को हटाए जाने के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने एक हलफनामा देकर कहा कि तख्त पटना साहिब पर अकाल तख्त का कोई भी निर्णय लागू नहीं होता है। न ही प्रबंधक कमेटी अकाल तख्त साहिब के निर्णय को मानने के लिए बाध्य है।
ढिल्लों ने ज्ञानी इकबाल सिंह का उस समय भी समर्थन किया था जब प्रबंधक कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश की पलना करते हुए उन्हें पदमुक्त किया था। यह दूसरी बार है जब तख्त पटना साहिब ने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती दी हो।
वर्ष 2002 अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती व ज्ञानी इकबाल सिंह के बीच पैदा हुए विवाद में भी अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती दी थी। बाद में ज्ञानी इकबाल सिंह ने अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को स्वीकार कर लिया था।
ढिल्लों से मांगा है जवाब : ज्ञानी हरप्रीत सिंह
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि मोहिंदर सिंह ढिल्लों को पत्र लिख कर 10 दिन के भीतर उत्तर देने के लिए कहा है। अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने वाले ढिल्लों के जवाब के बाद ही वे निर्णय करेंगे।