हरियाणा सरकार ने आउटसोर्सिंग पार्ट पॉलिसी के अंतर्गत रखे कच्चे कर्मचारियों को एक और सौगात दी है। इन कर्मचारियों को भी अब ‘समान काम, समान वेतन’ का लाभ मिलेगा। सरकार के निर्णय के बाद मुख्य सचिव हरियाणा ने इस संदर्भ में संबंधित दिशा-निर्देश सभी जिलों के उपायुक्तों, मंडलायुक्तों समेत बोर्डों, निगामों और निकायों के प्रमुखो को भेज दिए हैं।
हरियाणा के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में इस वक्त पार्ट टू पॉलिसी के अंतर्गत करीब 50 हजार कच्चे कर्मचारी हैं। दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि वर्ष 2011 के बाद रखे कच्चे कर्मचारी को पक्का नहीं किया जा सकता, मगर उन्हें किसी विभाग में एडजस्ट जरूर किया जाएगा। वर्ष 2011 के बाद 2014 में जो कच्चे कर्मचारियों को रेगुलराइजेशन करने के लिए पॉलिसी बनी थी, वो रद्द हो चुकी है और अब प्रदेश में इस तरह की कोई रेगुलराइजेशन पॉलिसी नहीं है।
मौजूदा सरकार स्वीकृत पदों पर लगातार पक्की भर्तियां कर रही है। हरियाणा सरकार ने फैसला लेते हुए राज्य में स्वीकृत पदों पर काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को ‘समान-काम, समान वेतन’ के तहत पक्के कर्मचारियों के समान मूल वेतन देने का फैसला लिया है। इसके साथ ही उन्हें हर छह महीने बाद महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा।
ये वे कच्चे कर्मचारी हैं, जिनकी नियुक्ति स्वीकृत पदों को लेकर विज्ञापन प्रक्रिया के तहत हुई है। इसके साथ मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से ऐसे कच्चे कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी तलब किया गया है, जिन्हें समान काम के आधार पर समान वेतन मिलता है। इसके साथ ही बाकी के सभी कर्मचारियों को भी इसके दायरे में लाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आउटसोर्सिंग-2 के तहत लगे कर्मचारियों के भी इसका बड़ा फायदा होगा।