किसान आंदोलन के कारण पंजाब से जुड़ा हरियाणा बॉर्डर सील हो गया है। इसका प्रभाव पंजाब में आने वाले पर्यटकों की संख्या पर भी पड़ा है। दो दिनों में ही पर्यटकों की संख्या 80 प्रतिशत तक कम हो गई है।
अमृतसर के होटलों की बुकिंग 90 प्रतिशत तक रद्द हो गई है। मंगलवार को अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या में 49 प्रतिशत के करीब गिरावट देखने को मिली। शहर के लगभग सभी होटल खाली हो गए हैं और जो एडवांस बुकिंग हुई थी, वह भी रद्द हो गई है। बाहर से आने वाले जिन लोगों ने हिमाचल, जम्मू कश्मीर जाने के लिए अमृतसर से टैक्सी बुक करवाई हुई थी, उन्होंने भी अपनी बुकिंग रद्द कर दी है। दिल्ली एयरपोर्ट को जाने के लिए भी रोजाना सैकड़ों की संख्या में टैक्सी अमृतसर से बुक होती है, उन सब की बुकिंग भी रद्द हो गई है।
अमृतसर इनर सिटी होटल एंड गेस्ट हाउस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सतनाम सिंह कंडा ने बताया कि शहर के लगभग सभी होटल मौसम में आए बदलाव के चलते ऑनलाइन बुक हुए थे। किसान आंदोलन के एलान के बाद एक दम बुकिंग 90 प्रतिशत तक रद्द हो गई है। हर रोज डेढ़ लाख के करीब पर्यटक अमृतसर पहुंचते हैं। अमृतसर टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के नेता गुलजारी लाल ने बताया कि हर रोज 70 से 95 तक कार टैक्सी दिल्ली एयरपोर्ट आदि के लिए बुक होती थी, लेकिन किसानों की ओर से दोबारा शुरू किए आंदोलन के चलते अब बुकिंग सिर्फ 14 प्रतिशत रह गई है।
एयर टिकट के दाम में भारी वृद्धि
हरियाणा बॉर्डर बंद होने से एयर लाइन कंपनियों ने भी एयर टिकट के रेट बढ़ा दिए हैं। कंपनियां अमृतसर से दिल्ली की टिकट्स 25 से 35 हजार तक बेच रहीं हैं। अमृतसर से चंडीगढ़ की टिकट 22 से 24 हजार रुपये बेची जा रही हैं। 14 फरवरी को जाने वाली विभिन्न फ्लाइटों में टिकट 10 से 15 हजार रुपये महंगी कर दी गई है। ऐसे में जिन लोगों ने दिल्ली से आगे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका जाना है, उन्हें भी टिकट तीन गुना महंगी मिल रही है।