चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा का गुरुवार को तबादला हो गया। उन्हें केंद्र सरकार में सचिव का रैंक दिया गया है। भारत सरकार की कैबिनेट अप्वाइंटमेंट कमेटी ने साल 1986 बैच के आईएएस मनोज कुमार परिदा को राष्ट्रीय प्राधिकरण रासायनिक हथियार समझौता का चेयरमैन नियुक्त किया है।
नियुक्ति के बाद मनोज परिदा ने कहा कि वह केंद्र सरकार में सचिव का रैंक पाकर खुश हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादा खुशी इस बात को लेकर है कि जब वह शहर से जा रहे हैं तो शहर में कोरोना के केस काफी कम हो चुके हैं। हालांकि, अभी कुछ दिन परिदा चंडीगढ़ में अपनी सेवाएं देंगे। जैसे ही केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की तरफ से आदेश जारी किए जाएंगे, वह राष्ट्रीय प्राधिकरण रासायनिक हथियार समझौता के चेयरमैन का पद संभाल लेंगे।
चंडीगढ़ में प्रशासक के सलाहकार का कार्यकाल तीन साल का होता है लेकिन परिदा का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही तबादला कर दिया गया है। मनोज परिदा 26 दिसंबर 2018 को चंडीगढ़ आए थे और प्रशासक के सलाहकार नियुक्त किए गए थे। उनका कार्यकाल 26 दिसंबर 2021 को समाप्त होना था और वह फरवरी 2022 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
बता दें कि मनोज परिदा ओडिशा से संबंध रखते हैं और वह एजीएमयूटी कैडर के 1986 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। परिदा ने अपनी प्रशासनिक सर्विस में कई बड़े और महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। वह 1985 बैच के आईएएस अधिकारी परिमल राय के जाने के बाद चंडीगढ़ में आए थे और प्रशासक के सलाहकार नियुक्त हुए थे। मनोज परिदा पिछले कई महीनों से केंद्र सरकार में जाने की कोशिश कर रहे थे, इसके लिए वह बीते दिनों दिल्ली भी गए थे।
अगस्त में प्रशासक का कार्यकाल होगा समाप्त
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का कार्यकाल 22 अगस्त को समाप्त हो रहा है। हालांकि, इसके लिए अभी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल का कार्यकाल जून महीने में समाप्त हो जाएगा और डीसी मनदीप सिंह बराड़ का कार्यकाल अक्तूबर में समाप्त हो रहा है। गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता और नगर निगम के कमिश्नर केके यादव का कार्यकाल भी मई में समाप्त हो गया था लेकिन प्रशासन के आग्रह पर केंद्र सरकार ने इन दोनों अधिकारियों को तीन-तीन महीने का सेवा विस्तार दिया है।