छोटी-छोटी लड़ाई में आजकल पति-पत्नी अदालत और थाने पहुंच जाते हैं। कभी कभी दुनिया के विरुद्ध जाकर बनाया रिश्ता तलाक पर आकर खत्म हो जाता है। घर के खर्च पूरे करना, दोनों का मिलकर कमाना, छोटे परिवार में रहना, वक्त न देना, विचार न मिलना, गुस्सा होना आदि कुछ ऐसे कारण हैं जिससे घर अक्सर टूट जाते हैं। इससे न सिर्फ दांपत्य जीवन पर गहरा असर पड़ता है बल्कि मानसिक तौर पर भी तनाव बढ़ता है। अधिकांश दंपतियों का यही कहना है कि सुखी जीवन जीने के लिए एक दूसरे के लिए वक्त निकालना बहुत जरूरी है। गुस्से में आकर कभी फैसला न लें। कई साल से सुखी जीवन बिता रहे दंपती वेलेंटाइन डे पर बता रहे हैं कैसे जीवन को खुशहाल ढंग से जीना है-
किसी के बन जाओ या किसी को अपना बना लो
40 साल एक दूसरे के साथ सफलतापूर्वक बिताए। किसी को अपना बना लो या खुद किसी के बन जाओ। कुछ चीजें तुम उनकी बर्दाश्त करो कुछ वो आपकी करें। अगर सब कुछ हमारे अनुसार होने लगे तो रिश्ता कैसे चल पाएगा।
-रविंद्र कौर और परमजीत सिंह
रिश्ते में धैर्य रखना जरूरी
सिल्वर जुबली पूरी हो गई। जब एक गुस्से में हो तो दूसरे को धैर्य रखना चाहिए। जब सामने वाला शांत हो जाए तब प्रेम से बात करें और गुस्से में आकर कभी कोई ऐसा फैसला न लें, जिससे जिंदगीभर पछताना पड़े।
-आशू सूद और संध्या सूद
मोबाइल छोड़कर एक-दूसरे को दें वक्त
हमारा 16 साल से साथ बना हुआ है। घर पर मोबाइल छोड़कर एक दूसरे को वक्त दें। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास वक्त नहीं है, लेकिन रिश्ते वक्त और अहमियत मांगते है। तभी सुखी दांपत्य जीवन जीया जा सकता है।
-अश्विनी कुमार और सरोज बाला
कोई बात बुरी लगे तो प्रेम से एक-दूसरे को बताएं
51 साल से एक दूसरे का साथ दे रहे हैं। पति-पत्नी के मसले में कभी मां-बाप न पड़े। जब तक बात ज्यादा न बढ़े। लड़कियां भी पति की हर छोटी-छोटी बात किसी दूसरे से शेयर न करें। एक दूसरे की कोई बात बुरी लगती है तो उसे प्रेम से बताएं।
-रतनलाल ठाकुर और सुषमा ठाकुर
एक दूसरे के विचारों की करें इज्जत
शादी को 20 साल हो गए हैं। रिश्ते समझौतों से चलते है। हमें एक-दूसरे के विचारों की इज्जत करनी चाहिए। सबकुछ मीठा हो जाए तो मधुमेह हो जाता है, रिश्ते कभी खट्टे-नमकीन हो तो स्वाद बना रहता है।
-उपेंद्र सिंह सोढ़ी और पूजा सोढ़ी
सामंजस्य से निकालें समस्या का हल
हमारी शादी को 40 साल हो गए हैं। नए जोड़े कोशिश करें लेकिन शादी मां-बाप की रजामंदी से ही करें। छोटी मोटी तकरार हर रिश्ते में होती है। ऐसे में बेहद सामंजस्य के साथ मसले का हल निकालना चाहिए।
-मक्खन सिंह और हरमिंदर कौर
डिजिटल इलस्ट्रेशन से करें अपने प्यार का इजहार, 1600 रुपये से शुरू होंगे दाम
वेलेंटाइन डे पर बाजार सज चुके हैं। सफेद-लाल रंग के गुब्बारों, फूलों के साथ बाजार में कई तरह के तोहफे मिल रहे हैं। समय के साथ प्यार का इजहार करने का तरीका भी बदला है। एक दौर था जब कप्पल स्टूडियो में जा एक तस्वीर खींचकर उसे जीवन भर के लिए संजोकर रख देते थे। घर पर दादा-दादी, नाना-नानी की एक ऐसी ही यादगार तस्वीर जरूर मिलेगी जिसमें दोनों सहज भाव से कैमरा की ओर देख रहे होंगे। हर पीढ़ी का प्रेम व्यक्त करने का अंदाज अलग है। ऐसे ही आजकल युवाओं को डिजिटल इलस्ट्रेशन की तस्वीरें खूब भा रही है जिसमें कार्टून की तरह व्यक्ति का चित्रण किया जाता है।
सोशल मीडिया पर ऐसे बहुत से कलाकार हैं जो कप्पल की डिजिटल इलस्ट्रेशन बना कर देते हैं। दो लोगों की डिजिटल इलस्ट्रेशन की फ्रेम का दाम 1600 रुपये से शुरू है। डिजिटल इलस्ट्रेशन के लिए दी गई फोटो में रंग, चित्र विवरण के आधार पर फ्रेम की कीमत तय की जाती है। अधिकतम इनकी कीमत 3000-4000 रुपये तक जा सकती है। वेलेंटाइन डे को खास बनाने के लिए युवा अलग-अलग तरीकों से अपने प्यार का इजहार कर रहे हैं। ऐसे में इंटरनेट और बाजारों में रचनात्मक उपहार मिल रहे हैं। इनमें ड्रीमकेचर, कस्टमाइज्ड डॉल, कागज के फूलों का गुलदस्ता, क्रोशिया से बनाए फूल, आदि शामिल हैं। ड्रीमकेचर शोपीस होने के अलावा बुरा सपना न आने के लिए भी लगाया जाता है।