चंडीगढ़। चंडीगढ़ के प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया उद्यमियों की जमीनी परेशानियों को समझने के लिए वीरवार को खुद औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 का दौरा कर औद्योगिक प्लॉटों की स्थिति का जायजा लिया और उद्योगपतियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासक ने कहा कि समस्याओं को गंभीरता से देखा और सुना गया है, जिनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
प्रशासक सबसे पहले इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 पहुंचे, जहां उद्यमियों ने बुनियादी ढांचे, पार्किंग, सड़कों की हालत, सीवरेज, बिजली आपूर्ति और एफएआर से जुड़े मुद्दे उठाए। उद्यमियों ने बताया कि इसी तरह की दिक्कतें फेज-2 में भी हैं। इस पर राज्यपाल बिना देर किए फेज-2 पहुंचे और वहां भी स्थिति का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ के नियोजित स्वरूप को बनाए रखते हुए उद्योगों के विकास के लिए संतुलित और व्यावहारिक नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि संवाद के दौरान सामने आए सुझावों और समस्याओं पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र निर्णय लिए जाएंगे। प्रशासक ने कहा कि फील्ड विजिट से ही वास्तविक समस्याओं का पता चलता है और इससे उद्योग एवं प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत होता है।
इस अवसर पर डीसी निशांत यादव, खुशप्रीत कौर, मुख्य वास्तुकार राजीव कुमार मेहता और प्रधान सचिव विवेक प्रताप मौजूद रहे। लघु उद्योग भारती, चंडीगढ़ के अध्यक्ष अवी भसीन ने कहा कि राज्यपाल के दौरे से उद्योग जगत को राहत की उम्मीद जगी है। उन्होंने विश्वास जताया कि एफएआर सहित अन्य लंबित मुद्दों पर सकारात्मक फैसले होंगे। इस दौरान उपाध्यक्ष सुनील खेतरपाल भी उपस्थित रहे।