चंडीगढ़। सेक्टर-26 सब्जी मंडी में फैली गंदगी और खराब सफाई व्यवस्था को लेकर शनिवार को प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के औचक निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में सड़ती सब्जियों और फलों का कचरा फैला मिला, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तुरंत तलब कर लिया। प्रशासक ने मार्केट कमेटी के सचिव प्रदीप कुमार और चीफ इंजीनियर सीबी ओझा को पंजाब लोकभवन बुलाकर जवाब मांगा।
निरीक्षण के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आउटसोर्स सैनिटेशन इंस्पेक्टर हरविंदर कुमार को बर्खास्त कर दिया जबकि ऑक्शन रिकॉर्डर राजकुमार और कर्मचारी मदन लाल को निलंबित कर दिया गया। मंडी की सफाई का जिम्मा संभाल रही कंपनी मैसर्स दक्ष डिटेक्टिव एंड सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही के चलते उसका टेंडर रद्द क्यों न किया जाए।
प्रशासन ने मंडी सुपरवाइजर गुरमिंदर सिंह, ऑक्शन रिकॉर्डर करमबीर सिंह और कर्मचारी धीरज कुमार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर लिखित जवाब मांगा गया है। निरीक्षण के दौरान प्रशासक ने मंडी परिसर का दौरा कर सफाई व्यवस्था, कचरा निस्तारण और दुकानों के आसपास की स्थिति का जायजा लिया। कई स्थानों पर अव्यवस्था और गंदगी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई और व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
बाद में लोकभवन में हुई बैठक में मेयर सौरभ जोशी, मार्केट कमेटी के सचिव प्रदीप कुमार, चीफ इंजीनियर सीबी ओझा और प्रशासक के प्रमुख सचिव भी मौजूद रहे। बैठक में निरीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरें और वीडियो अधिकारियों को दिखाए गए। प्रशासक ने कहा कि मंडी में सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन क्षेत्रों में कमी मिली है वहां तुरंत सुधार किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।