चंडीगढ़। बिना फायर एनओसी के लाइसेंस लेने वाले चंडीगढ़ के होटल, रेस्टोरेंट और नाइट क्लबों की जांच की जाएगी। गोवा की घटना के बाद चंडीगढ़ में सख्ती होनी तय है। चंडीगढ़ में तीन दर्जन से ज्यादा होटल, क्लब और रेस्टोरेंट हैं। एक अग्निशमन अधिकारी के अनुसार कई क्लबों के पास फायर एनओसी और कई के पास नहीं है।
कई क्लबों के परिसर में चालू हालत में अग्निशामक यंत्र नहीं हैं। कुछ क्लब ऐसे हैं जिनकी फायर एनओसी की अवधि भी समाप्त हो चुकी है और उसका नवीनीकरण नहीं करवाया गया है। फायर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग द्वारा समय समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है। इसके साथ ही उन क्लबों को नोटिस भी जारी किए जाते हैं जिनके फायर संबंधी मानक पूरे नहीं हैं।
यहां पर हैं क्लब
सेक्टर-26, सेक्टर-7, सेक्टर-17, सेक्टर-9, इंडस्ट्रियल एरिया, सेक्टर-29।
यह हैं सुरक्षा के मानदंड
सुरक्षित निकास मार्ग : आपातकालीन निकास और भागने के मार्गों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाना चाहिए।
अग्नि सुरक्षा उपकरण: सभी मंजिलों पर अग्निशामक यंत्र होने चाहिए। इसके साथ ही इमारत में स्प्रिंकलर सिस्टम होना चाहिए।
फायर अलार्म सिस्टम, धुआं डिटेक्टर, मैनुअल पुल स्टेशन और होज रील भी जरूरी है।
क्षमता सीमा : क्लब की क्षमता से ज्यादा भीड़भाड़ रोकने के लिए भीड़ नियंत्रण उपाय भी आवश्यक।
फायर प्रूफिंग : फर्नीचर और अन्य सामग्री अग्निरोधी सामग्री से प्रोसेस होनी चाहिए।
वेंटिलेशन: मानदंडों के अनुसार उचित वेंटिलेशन।
कोट्स
उन रेस्टोरेंट, क्लबों और होटलों की जांच होगी जिन्होंने फायर सेफ्टी नियमों की अवहेलना की है। इस मामले में अग्नि सुरक्षा मानदंडों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगे। -डॉ. इंद्रजीत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी