मंगलवार को चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से शहरवासियों के लिए एक ‘हेल्थ एडवाइजरी’ जारी की गई। प्रशासन ने कहा कि शहर की हवा में ठंड बढ़ रही है। ऐसे में बहुत से लोगों को खांसी और जुकाम की शिकायतें हो रही हैं। वहीं, देश में कोरोना का संकट अभी भी बरकरार है।
दिवाली के मौके पर बहुत से लोग पटाखे जलाते हैं। ऐसे में पटाखों के जलने के बाद निकला जहरीला धुआं बुजुर्ग व पहले से ही अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों के फेफड़ों को बेहद नुकसान पहुंचा सकता है। प्रशासन ने अपनी हेल्थ एडवाइजरी में कहा है कि इटली और अमेरिका में किए गए अनेकों अध्ययन में सामने आया है कि प्रदूषण के बढ़ने से कोरोना से मौत के आंकड़ों में भी वृद्धि हुई है।
कोविड की 15 प्रतिशत मौतों का कारण जहरीली हवा
प्रशासन ने कहा है कि विभिन्न अध्यनों में यह भी सामने आया है कि कोरोना की वजह से हुई कुल मौतों में 15 प्रतिशत मौतें, प्रदूषित हवा में सांस लेने की वजह से हुई हैं। प्रशासन ने कहा कि अगर शहर की हवा में जहरीला प्रदूषण घुल जाता है तो यह बहुत से शहरवासियों के लिए खतरनाक होगा।
खासतौर पर उन लोगों के लिए और भी समस्या खड़ी हो जाएगी जो कोरोना से जूझ रहे हैं और अस्पताल में भर्ती हैं या फिर घर पर होम क्वारंटीन हैं। प्रशासन ने यहां तक कहा है कि यह उन लोगों के लिए भी बेहद खतरनाक होगा, जो कोरोना को हराकर दोबारा अपनी पुरानी जिंदगी में लौटे हैं। प्रदूषण उन्हें भी काफी नुकसान पहुंचा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक की तरफ से यह सलाह दी गई है कि शहरवासी दिवाली के मौके पर पटाखे न जलाएं और घर में ही रहें।