प्रशासन ने स्लम हटाने के सबसे बड़े अभियान को बुधवार को शुरू कर दिया। पहले दिन सुबह 9 बजे से लेकर शाम छह बजे तक दस जेसीबी मशीनों की मदद से एक तिहाई जमीन से झुग्गी-झोंपड़ियां हटा दी गईं।
अधिकारियों की उम्मीद के विपरीत कालोनी के लोगों की ओर से किसी बड़े विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। ज्यादातर गरीब लोग अपना सामान समेटकर चुपचाप निकल गए। इस मौके पर पुलिस और प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद थे।
बनने लगी सड़क
अधिकारियों के अनुसार यह देश का सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान था। 60 एकड़ में फैली कालोनी में 25 हजार लोग रहते हैं। पहले दिन लगभग 20 एकड़ जमीन को खाली करा दिया गया।
जैसे जैसे जेसीबी मशीनें झुग्गियां तोड़ रहीं थी प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग मलबा हटाकर सड़क बनाने का काम कर रहा था। इस संबंध में उपायुक्त ने कहा कि पहले दिन का अभियान सफल रहा है। हमारा लक्ष्य था कि ओल्ड जेल रोड तक बनी झुग्गियों को हम हटा देंगे।
दो दिन और चलेगा अभियान
प्रशासन ने कालोनी नंबर पांच को हटाने के लिए इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है। शुरूआत सेक्टर-51 की तरफ से की और पहले दिन ओल्ड जेल रोड तक कालोनी को हटा दिया।
अब वीरवार को ओल्ड जेल रोड से आगे की तरफ से कालोनी को हटाने का काम शुरू होगा। इसके बाद शुक्रवार को सेक्टर-50 की तरफ बनी कालोनी को हटाया जाएगा।
फूल रहे थे हाथ पांव
प्रशासन के कई आला अधिकारी इस अभियान को कुछ दिन के लिए और टालने की बात कह रहे थे। प्रशानिक अधिकारियों के साथ साथ पुलिस के आला अधिकारियों के भी हाथ पांव फूल रहे थे।
लेकिन, उपायुक्त मोहम्मद शाइन ने हिम्मत दिखाते हुए इस अभियान को चलाने के लिए अधिकारियों को मना लिया। इससे पहले प्रशासन ने इतना बड़ा अभियान नहीं चलाया था।
वित्त सचिव वीके सिंह भी मौके पर पहुंचे। इसके साथ एसएसपी नौनिहाल सिंह, पीसीएस अधिकारी बलबीर सिंह ढोल, एसडीएम साउथ कशिश मित्तल, सीएचबी की सचिव मंदीप कौर और संपदा विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।
नेताओं की खूब हुई फजीहत
कालोनी के निवासी नेताओं पर जम कर बरस रहे थे। लोगों का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा के नेता उन्हें आकर कहते रहे कि कालोनी को वह नहीं हटने देंगे।
अब जब कालोनी को हटाया जा रहा है तब कोई भी बड़ा नेता नहीं आया। इन नेताओं के आश्वासन के कारण ही उन्होंने अभी तक कालोनी को खाली नहीं किया था।
कालोनी नंबर पांच को हटाने के लिए चले अभियान के दौरान पार्षद हरफूल चंद कल्याण, और कांग्रेस के नेता शशि शंकर तिवारी भी पहुंचे। कल्याण और तिवारी ने उपायुक्त से कालोनी के लोगों को एक सप्ताह का समय और देने की मांग की जिसे उपायुक्त ने ठुकरा दिया।
राजमार्ग बंद, लोगों को आई दिक्कत
कालोनी नंबर पांच को हटाने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया गया। कालोनी नंबर सामने की सड़क दिन भर बंद रही।
दिन और यह सड़क बंद रहेगी। यह सड़क सेक्टर-43 बस स्टैंड होते हुए मनाली राजमार्ग से मिलती है। ऐसे में इस सड़क पर आने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। इससे लोगों को काफी घूम कर जाना पड़ा, जिससे उन्हें दिक्कतें आई। कालोनी के आसपास बनी सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को भी दिक्कत आई।