बीते दिनों बठिंडा केंद्रीय जेल से वायरल वीडियो मामले की जांच करने मंगलवार को जेल विभाग के एडीजीपी अरुणपाल सिंह और आईजी रूप कुमार जेल पहुंचे। इस दौरान दोनों अधिकारियों तीन अधिकारियों से पूछताछ की। करीब दो घंटों से अधिक समय तक एडीजीपी और आईजी जेल में रहे और जांच कर हवालातियों से बातचीत की।
कुछ दिन पहले जेल के हाई सुरक्षा जोन में बंद होने का दावा कर कुछ लोगों ने अपनी बैरक का वीडियो बनाकर टीवी चैनल को भेजा था। इस वीडियो में आरोपियों ने जेल के तीन अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि उनकी शह पर जेल के भीतर मोबाइल और हर तरह की वस्तुएं मुहैया हो जाती हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद जेल की सुरक्षा और अधिकारियों पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद सरकार ने तुरंत अरुणपाल सिंह को जेल विभाग का एडीजीपी नियुक्त किया। अरुणपाल सिंह आईजी जेल रूपकुमार सिंह के साथ मंगलवार दोपहर करीब साढे़ 12 बजे केंद्रीय जेल पहुंचे। सबसे पहले एडीजीपी ने जेल अधीक्षक एनडी नेगी और आईजी के साथ बैठक कर सुरक्षा की जानकारी हासिल की।
जेल अधिकारियों से बातचीत करने के बाद एडीजीपी ने पूरी जेल की जांच की और खासकर जेल के हाई सुरक्षा जोन को बारीकी से जांचा। एडीजीपी ने उन अधिकारियों से लंबी पूछताछ की, जिनका नाम वायरल वीडियो में सामने आया है। करीब दो घंटे से अधिक समय तक एडीजीपी ने जेल में रहकर हर पहलू से जांच की।
जहां जैमर काम नहीं करते उनको चिह्नित किया
आईजी रूप कुमार ने कहा कि वीडियो वायरल मामले की बारीकी से हर पहलू के साथ जांच की जा रही है। वीडियो से जुड़े हर व्यक्ति को जांच में शामिल किया जा रहा और इसकी पुलिस जांच भी चल रही है। उन्होंने कहा कि जेल में जहां पर भी जैमर काम नहीं करता, उन जगहों को भी चिह्नित किया जा रहा है। इसके अलावा जेल में जो अधिकारी अच्छा काम करता है उस पर दबाव बनाने के लिए भी आरोपी कई बार ऐसी चाल चलते है। उस एंगल से भी जांच की जा रही है।