-पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अभियान किया तेज, लगाए जा रहे विशेष कैंप
-बिना मंजूरी चल रहे करीब 120 स्वास्थ्य केंद्र, मानव अधिकार ने भी मांगी थी रिपोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में स्वास्थ्य केंद्रों से बायो मेडिकल वेस्ट नियमों की पालना करवाने के लिए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) की तरफ से अपना अभियान तेज कर दिया है, ताकि बिना मंजूरी चल रहे सभी स्वास्थ्य केंद्रों को मंजूरी दी जा सकें। प्रदेश में 120 के करीब स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जो बोर्ड की बिना स्वीकृति के चल रहे हैं। बायो मेडिकल वेस्ट के संग्रह, भंडारण, परिवहन, उपचार व निपटान करने वाले सभी स्वास्थ्य केंद्रों को बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के तहत पीपीसीबी से मंजूरी लेनी अनिवार्य है। नियमों के तहत उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान भी है।
मानव अधिकार आयोग ने मई माह में इस संबंध में अपनी रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद ही बोर्ड की तरफ से ऐसे सभी स्वास्थ्य केंद्रों को मंजूरी देने का प्रक्रिया शुरू की है, जो इसके बिना चल रहे हैं। साथ ही बोर्ड ने स्वास्थ्य, पंचायत व पशुपालन विभाग के साथ भी ये मामला उठाया था कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में आते स्वास्थ्य केंद्रों को नोटिस जारी करें, ताकि वह बोर्ड से मंजूरी ले सकें। आयोग के निर्देशों के बाद ही बोर्ड अपनी रिपोर्ट में बताया था कि प्रदेश में कुल 14715 स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं, जिसमें सरकारी, निजी केंद्रों के साथ ही वेटरनरी व क्लीनिक भी शामिल हैं। तब बोर्ड ने कहा था कि 1414 केंद्र बिना मंजूरी के चल रहे हैं। जिसके बाद ही बोर्ड ने क्षेत्री अधिकारियों की देखरेख में विशेष कैंप लगाने शुरू किए थे, ताकि अस्पताल मंजूरी के लिए आवेदन कर सकें। अब सिर्फ करीब 120 स्वास्थ्य केंद्र रह गए हैं, जिनको मंजूरी देने के लिए विभाग काम कर रहा है। इस अभियान से ऐसे स्वास्थ्य केंद्रों की पहचान करना भी आसान हो जाएगा, जो नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं। इन केंद्रों को अनुपालन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा,लेकिन बावजूद इसके जो केंद्र नियमों का उल्लंघन जारी रखेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। अब तक बोर्ड कुल 92 ऐसे कैंप लगा चुका है, जिसमें 1260 केंद्रों को मंजूरी जारी की गई है। इसके अलावा बोर्ड की तरफ से पशुपालन विभाग के 24 नोडल अधिकारियों व पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के 1470 मेडिकल स्टाफ व नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वह नियमों की पालना करवा सकें।
रोजाना निकल रहा 24.65 टन बायो मेडिकल वेस्ट
प्रदेश में कुल 14715 स्वास्थ्य केंद्रों से 24.65 टन बायो मेडिकल वेस्ट निकल रहा है। इस वेस्ट का सही रूप से निपटारा करना जरूरी है। बायोमेडिकल अपशिष्ट का उचित पृथक्करण, संग्रह, उपचार और निपटान संक्रमण की संभावनाओं को कम करता है और एक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा वातावरण सुनिश्चित करता है। दूसरा पर्यावरण संरक्षण के लिए बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन आवश्यक है।