आदेश से कई पंजाबी गायकों को झटका
गन कल्चर पर प्रतिबंध लगाने के आदेश से पंजाब में कई गायकों को झटका लगा है। गौर हो कि पिछले एक दशक से पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री में गन कल्चर के जुड़े गानों का बोलबाला है। अधिकांश गायक गीतों में हथियारों की नुमाइश करते देखे जा सकते हैं। यहां तक कि गानों के बोल भी हथियारों से जुड़े होते हैं। ऐसे में उन गायक कलाकारों के लिए मान सरकार के आदेश किसी बड़े झटके से कम नहीं, जिन्होंने पहले ही इस तरह के गाने शूट कर रखे हैं। बताया जा रहा है इस तरह के बहुत से गीत यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया पर रिलीज होने हैं, जिनमें गन कल्चर को खुलकर दिखाया गया है। बहरहाल, सरकार के आदेश से गीतकार और गायक सकते में हैं।
धारा 144 और 188 में यह होती है कार्रवाई
1973 की आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 कार्यकारी मजिस्ट्रेट को एक क्षेत्र में चार से अधिक व्यक्तियों की एक सभा को प्रतिबंधित करने का अधिकार देती है। भारतीय दंड संहिता की 141-149 धाराओं के अनुसार दंगों में शामिल होने की अधिकतम सजा 3 साल सश्रम कारावास या जुर्माना है। ऐसे मामलों में सक्षम अधिकारी इस धारा को लागू कर आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई करेंगे। धारा 188 कोरोना महामारी के दौरान चर्चा में आई थी।
इसे महामारी कानून (एपिडेमिक डीजीज एक्ट, 1897) के तहत लागू किया गया है। इसी कानून में प्रावधान किया गया है कि अगर लॉकडाउन में सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का कोई व्यक्ति उल्लंघन करता है तो उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अशांति फैलाने पर भी इस धारा का प्रयोग कर सकती है।